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सुशांत डेथ केस में ड्रग माफिया कनेक्शन से चर्चा में नशाखोरी, यूपी-राजस्थान पहले नंबर पर

टास्क फोर्स माफिया को सज़ा दिलाने के लिए काम करेगा(प्रतीकात्मक फोटो)

टास्क फोर्स माफिया को सज़ा दिलाने के लिए काम करेगा(प्रतीकात्मक फोटो)

मायानगरी मुंबई का नशे के सौदागरों से है पुराना रिश्ता लेकिन यूपी और राजस्थान भी कम नहीं. NCB की रिपोर्ट के बाद 5 गुना बढ़ाया गया बजट

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. मायानगरी मुंबई और ड्रग तस्करी का पुराना रिश्ता है. सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में ड्रग्स कनेक्शन भी शामिल होता नजर आ रहा है. इस केस के बहाने ड्रग माफिया और नशाखोरी एक बार फिर चर्चा में है. कभी पंजाब इस मामले में काफी चर्चा में रहा है. लेकिन नशाखोरी को लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की हालिया रिपोर्ट काफी चौंकाने वाली है. इसके मुताबिक देश के 272 जिलों में नशाखोरी काफी बढ़ गई है. इस मामले में यूपी (UP) और राजस्थान ने पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है.

एनसीबी ने यह रिपोर्ट सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) के साथ मिलकर तैयार की है. नशे के मामले में यूपी (UP) और राजस्थान ने उड़ता पंजाब (Punjab) के नाम से चर्चाओं में आए पंजाब स्टेट को भी पीछे छोड़ दिया है. इसे देखते हुए (Modi Government) सरकार ने नशाखोरी अभियानों से जुड़े बजट को 5 गुना कर दिया है.

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इस मामले में 33-33 जिलों के साथ यूपी और राजस्थान पहले नंबर पर हैं. वहीं 18 जिलों के साथ पंजाब दूसरे और मध्य प्रदेश 15 जिलों के साथ तीसरे नंबर पर है. देश की राजधानी दिल्ली 11 जिलों के साथ पांचवें नंबर पर है.

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नशाखोरी रोकने का बजट पांच गुना कर दिया गया है. प्रतीकात्मक फोटो


43 से बढ़कर 260 करोड रुपये हो गया बजट

देश के 272 जिलों में बढ़ती नशाखोरी से परेशान एनसीबी और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने मिलकर एक अभियान शुरु किया है. इसके तहत 272 जिला कलेक्टरों, 31 राज्य सचिवों, 500 से अधिक एनजीओ/ वीओ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों, एनडीडीटीसी, एम्स के डॉक्टरों और पेशेवरों तथा ‘नशामुक्त भारत’ अभियान से जुड़े राज्यों और जिलों के सभी अधिकारियों को शामिल किया गया है.

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नशामुक्त भारत अभियान 7 महीने तक चलेगा और 31 मार्च, 2021 को समाप्त होगा. इसके लिए केंद्र सरकार ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के बजट को बढ़ा दिया है. 2017 में यह बजट 43 करोड रुपये था. जबकि 2020 में यह बजट 260 करोड रुपये हो गया है.

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