गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी एंटी एयरक्राफ्ट गन शिल्का, कैप्टन प्रीति चौधरी होंगी कमांडिंग ऑफिसर

ANI से बातचीत में प्रीति ने कहा कि राजपथ पर परेड में शामिल होने का मौका मिलने पर वह बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. ANI
Republic Day 2021: अपग्रेडेड एंटी टन एयरक्राफ्ट गन शिल्का जमीन पर 2 किमी तक दुश्मन के ठिकानों को टारगेट कर सकती है और हवा में 2.5 किलोमीटर तक दुश्मनों को टारगेट कर सकती है.
- News18Hindi
- Last Updated: January 23, 2021, 9:00 PM IST
नई दिल्ली. गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर राजपथ पर भारतीय सेना अपनी ताकत दिखाएगी. 26 जनवरी के परेड में आर्मी की एंटी एयरक्राफ्ट गन (Aircraft Gun Schilka) अपग्रेडेड शिल्का भी दिखाई देगी. पहली बार राजपथ पर परेड का हिस्सा बनाने के लिए शिल्का को अपग्रेड किया गया है. इसकी कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन प्रीति चौधरी होंगी. 26 जनवरी को राजपथ पर परेड में इंडियन आर्मी जिन हथियारों को प्रदर्शित करेगी, उनमें पिनाका मल्टी बैरेल रॉकेट सिस्टम, बीएमसी-2, T-90 भीष्म टैंक, ब्रिगेड लेयर टैंक, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर इक्विपमेंट सिस्टम समविजय और अपग्रेडेड शिल्का एयर डिफेंस सिस्टम प्रदर्शित किया जाएगा. खबरों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनातनी के बीच जिन हथियारों, टैंकों और मिसाइलों को वहां तैनात किया गया था, वे सभी गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर दिखेंगे.
बता दें कि अपग्रेडेड एयरक्राफ्ट गन शिल्का का दम भी देखने को मिलेगा, जोकि जमीन पर 2 किमी तक दुश्मन के ठिकानों को टारगेट कर सकती है और हवा में 2.5 किलोमीटर तक दुश्मनों को टारगेट कर सकती है. कैप्टन प्रीति चौधरी ने कहा कि उनकी रेजिमेंट का उपकरण होने की वजह से उन्हें परेड का हिस्सा बनने का मौका मिला है, न कि जेंडर की वजह से उन्हें ये मौका मिला है. ANI से बातचीत में प्रीति ने कहा कि राजपथ पर परेड में शामिल होने का मौका मिलने पर वह बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. प्रीति चौधरी एनसीसी की एयरविंग में कैडेट भी रह चुकी हैं.
प्रीति चौधरी के पिता इंदर सिंह उनके रोल मॉडल हैं, जोकि ऑनररी कैप्टन के तौर पर सेना की मेडिकल कोर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और साल 2004 में रिटायर हुए थे.
कैप्टन प्रीति राजपथ की परेड में हिस्सा बनने का मौका मिलने पर खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस कर रही हैं.
बता दें कि अपग्रेडेड एयरक्राफ्ट गन शिल्का का दम भी देखने को मिलेगा, जोकि जमीन पर 2 किमी तक दुश्मन के ठिकानों को टारगेट कर सकती है और हवा में 2.5 किलोमीटर तक दुश्मनों को टारगेट कर सकती है. कैप्टन प्रीति चौधरी ने कहा कि उनकी रेजिमेंट का उपकरण होने की वजह से उन्हें परेड का हिस्सा बनने का मौका मिला है, न कि जेंडर की वजह से उन्हें ये मौका मिला है. ANI से बातचीत में प्रीति ने कहा कि राजपथ पर परेड में शामिल होने का मौका मिलने पर वह बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. प्रीति चौधरी एनसीसी की एयरविंग में कैडेट भी रह चुकी हैं.
प्रीति चौधरी के पिता इंदर सिंह उनके रोल मॉडल हैं, जोकि ऑनररी कैप्टन के तौर पर सेना की मेडिकल कोर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और साल 2004 में रिटायर हुए थे.
कैप्टन प्रीति राजपथ की परेड में हिस्सा बनने का मौका मिलने पर खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस कर रही हैं.