कश्मीर में बैन पर बोलीं उर्मिला मातोंडकर- पति 22 दिनों से डायबिटीज पीड़ित माता-पिता से नहीं कर पा रहे बात

News18Hindi
Updated: August 30, 2019, 5:45 PM IST
कश्मीर में बैन पर बोलीं उर्मिला मातोंडकर- पति 22 दिनों से डायबिटीज पीड़ित माता-पिता से नहीं कर पा रहे बात
उर्मिला मातोंडर ने कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था.

कांग्रेस (Congress) के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने वाली उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘सवाल केवल अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाने का नहीं है. यह अमानवीय तरीके से किया गया.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2019, 5:45 PM IST
  • Share this:
बॉलीवुड से पॉलिटिक्स में एंट्री कर चुकीं उर्मिला मातोंडकर (Urmila Mantodkar) ने आर्टिकल-370 (Article 370) हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu And Kashmir) में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने पर गुरुवार को केंद्र पर निशाना साधा. उन्होंने बताया कि कश्मीर में तमाम तरह के बैन के कारण उनके पति पिछले 22 दिनों से वहां रह रहे अपने माता-पिता से बात नहीं कर पाए हैं.

कांग्रेस (Congress) के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने वाली मातोंडकर ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘सवाल सिर्फ आर्टिकल 370 हटाने का नहीं है. यह अमानवीय तरीके से किया गया.' गौरतलब है कि मातोंडकर चुनाव हार गई थीं..

उर्मिला ने कहा, ‘मेरे सास-ससुर वहां रहते हैं. दोनों को शुगर और हाई ब्लड प्रेशर है. आज 22वां दिन है, न तो मैं और न ही मेरे पति उनसे बात कर पाए हैं. हमें कोई अंदाजा नहीं है कि क्या उनके पास घर में दवाएं उपलब्ध हैं या नहीं.’




केंद्र ने हटाया आर्टिकल- 370
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया. गृहमंत्री अमित शाह ने संसद के दोनों सदन में कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35 ए को हटाने का विधेयक पेश किया, जो पूर्ण बहुमत से पास हो गया.

जम्मू-कश्मीर विधेयक पेश किये जाने के बाद से ही राज्य में अभूतपूर्व सुरक्षा है. हालांकि हालात सामान्य धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं.
Loading...

urmilaaa
उर्मिला के पति कश्मीरी मॉडल और बिजनेसमैन हैं


कांग्रेस में भी दो फाड़
एक ओर कांग्रेस के अग्रिम पंक्ति के नेता 370 हटाने का विरोध कर रहे हैं. तो वहीं पार्टी के कई नेताओं ने इसका समर्थन किया. 370 हटने के बाद मिलिंद देवड़ा ने कहा था, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आर्टिकल 370 को उदार बनाम रूढ़िवादी बहस में बदल दिया गया. पार्टियों को अपनी विचारधारा को अलग रखकर इस पर बहस करनी चाहिए कि भारत की संप्रभुता और संघवाद, जम्मू-कश्मीर में शांति, कश्मीरी युवाओं को नौकरी और कश्मीरी पंडितों के न्याय के लिए बेहतर क्या है?"

दीपेंद्र हुड्डा ने लिखा था, "मेरा पहले से विचार रहा है कि 21वीं सदी में आर्टिकल 370 का औचित्य नहीं है और इसको हटना चाहिए. ऐसा सिर्फ देश की अखंडता के लिए ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर जो हमारे देश का अभिन्न अंग है, के हित में भी है. मगर मौजूदा सरकार की पूर्णत: यह जिम्मेदारी है कि इसका क्रियान्वयन शांति और विश्वास के वातावरण में हो."

भाषा इनपुट के साथ

यह भी पढ़ें:  आर्टिकल 370 हटने के बाद आज पहली बार कश्मीर जाएंगे आर्मी चीफ

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 30, 2019, 11:29 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...