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इस अमेरिकन कंपनी ने मानी मोदी सरकार की बात, हर साल करेगी 225 टन कम प्लास्टिक का इस्तेमाल

पीटीआई
Updated: October 21, 2019, 8:33 PM IST
इस अमेरिकन कंपनी ने मानी मोदी सरकार की बात, हर साल करेगी 225 टन कम प्लास्टिक का इस्तेमाल
अपने प्रोडक्ट्स में प्लास्टिक पैकेजिंग को कम करेगी अमेरिकन कंपनी कारगिल

प्लास्टिक के इस्तेमाल को मानते हुए अमेरिकन फूड कंपनी कारगिल  (Cargill ) ने प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने का फैसला लिया है. कंपनी के इस कदम से सालाना 225 टन प्लास्टिक की खपत कम होगी. साथ ही कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन भी कम होगा.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा प्लास्टिक (Use of Plastic) के इस्तेमाल को कम करने को लेकर दिग्गज कं​पनियां भी प्रयास में जुट चुकी हैं. इसी सिलसिले में अमेरिकन फूड कंपनी कारगिल (Cargill ) ने सोमवार को कहा कि उसने खाद्य तेल की पैकेजिंग में प्लास्टिक (Plastic Packaging) के इस्तेमाल को कम करते हुए रिसाइकिल करने योग्य बनाया है. कंपनी ने अपनी तरफ से जारी बयान में कहा, 'भारत में कारगिल प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर तीन तरीकों से काम कर रही है. इसमें रिड्यूस, रिसाइकिल और रिकवर शामिल है.'

90 फीसदी प्लास्टिक रिसाइकिल करने पर जोर
कंपनी ने डाओ केमिकल (Dow Chemical) के साथ मिलकर प्लास्टिक मैटेरियल (Plastic Material) को नए तरीके से फॉर्मुलेट किया, जिसमें कंपनी की तरफ से इस्तेमाल की जाने वाली प्लास्टिक को 90 फीसदी तक रिसाइकिल किया जा सके. कंपनी ने अपने तेल कारोबार के​ लिए पैकेजिंग को दोबारा डिजाइन किया है. नए डिजाइन में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम किया गया है.

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अपने प्रोडक्ट्स में प्लास्टिक पैकेजिंग को कम करेगी अमेरिकन कंपनी कारगिल



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पेपर लेबलिंग की जगह मोल्ड लेबलिंग का इस्तेमाल
कंपनी ने कहा है कि वो सस्टेनेबल पर्यावरण के लिए प्लास्टिक के इस्तेमाल को न्यूनतम स्तर पर करने के लिए प्रतिबद्ध है. यही कारण है कि कंपनी अपने खाद्य तेल ब्रांड ​जेमिनी, स्वीकर और नेचरफ्रेश की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक को कम से कम इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. कंपनी ने प्लास्टिक को कम करने के लिए पेपर ले​बलिंग की जगह मोल्ड लेबलिंग (Mould Labelling) का इस्तेमाल कर रही है.

हर साल कम होगी 225 टन प्लास्टिक खपत कम होगी
कंपनी के इस प्रयास से हर साल करीब 225 टन प्लास्टिक की खपत कम होगी. साथ ही कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन में भी कमी आएगी. रिसाइकिल योग्य प्लास्टिक को रिकवर करने के लिए कंपनी ने इंडिया पॉल्युशन कंट्रोल एसोसिएशन के साथ काम कर रही है, ताकि कंज्यूमर के बाद मल्टी—लेयर्ड प्लास्टिक वेस्ट को जुटाया जा सके.

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First published: October 21, 2019, 8:33 PM IST
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