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रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने को भारत आ रहे अमेरिकी नौसेना प्रमुख

News18Hindi
Updated: May 10, 2019, 11:18 PM IST
रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने को भारत आ रहे अमेरिकी नौसेना प्रमुख
अमेरिकी नौसेना के प्रमुख एडमिरल जॉन रिचर्डसन 12 से 14 मई तक भारत यात्रा पर रहेंगे.

एडमिरल जॉन रिचर्डसन रविवार को तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचेंगे. रिचर्डसन ने कहा, काफी उम्मीदें लेकर भारत के दूसरे दौरे पर आ रहे हैं.

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अमेरिकी नौसेना के प्रमुख एडमिरल जॉन रिचर्डसन तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को भारत पहुंचेंगे. इस दौरान रिचर्डसन दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए भारतीय नौसेना के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. उनका भारत दौरा 12 से 14 मई तक होगा. भारत की उनकी यह दूसरी यात्रा है. हिंद-प्रशांत सागर में चीन की ओर से बढ़ रहे तनाव के मद्देनजर यह यात्रा अहम मानी जा रही है.

अमेरिकी नौसेना ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य सूचनाएं साझा करने और उनके आदान-प्रदान के महत्व पर जोर देकर दोनों नौसेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत बनाना है. रिचर्डसन ने कहा, मैं इस यात्रा का इंतजार कर रहा था. मुझे इस दौरे से काफी उम्मीदें हैं. बयान में कहा गया है कि अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान अमेरिकी नौसेना प्रमुख भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा और नौसेना, सेना व भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों से मिलेंगे. उम्मीद है कि इन मुलाकातों में हिंद-प्रशांत सागर में चीन की ओर से बढ़ते तनाव पर भी चर्चा होगी.

साझा चुनौतियों पर बार-बार चर्चा की है जरूरत 



एडमिरल रिचर्डसन की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत, अमेरिका, फिलीपींस और जापान की नौसेनाएं दक्षिण चीन सागर में पहला संयुक्त नौसैन्य युद्धाभ्यास कर रही हैं. चीन दक्षिण चीन सागर में ही अपना दबदबा बढ़ाने के लिए बार-बार अपनी नौसैन्य ताकत का प्रदर्शन करता रहता है. रिचर्डसन ने कहा कि मुझे भारत के दूसरे दौरे से काफी उम्मीदें. उन्होंने कहा कि रणनीतिक माहौल काफी जटिल हो गया है. हमें साझा चुनौतियों से निपटने के लिए बार-बार चर्चा करने की जरूरत है. हमें चर्चा करते रहना चाहिए कि दोनों देशों की नौसेनाएं कैसे अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सहयोग कर सकती हैं.



चीन को दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी दखल पर एतराज

अमेरिका विवादित दक्षिण चीन सागर में 'नौवहन की स्वतंत्रता' को लेकर श्रृंखलाबद्ध युद्धाभ्यास कर चुका है. चीन ने अमेरिकी नौसेना के दक्षिण चीन सागर में युद्धाभ्यास पर एतराज जताया था. बीजिंग ने इसे चीन की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था. चीन हमेशा से दक्षिण चीन सागर पर दावा ठोकता रहा है. वहीं, ब्रूनेई, मलेशिया, फिलीपींस, वियतनाम और ताइवान भी दक्षिण चीन में हिस्सेदारी का दावा करते रहे हैं.

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First published: May 10, 2019, 11:18 PM IST
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