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भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने में मशीनों या हाथियों का प्रयोग हो: हाईकोर्ट

इस बार 23 जून को रथयात्रा निकाली जानी है (फाइल फोटो, PTI)
इस बार 23 जून को रथयात्रा निकाली जानी है (फाइल फोटो, PTI)

पुरी (Puri) में नौ दिन तक चलने वाली रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath), भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लकड़ी के बने भारी-भरकम रथों को परंपरागत रूप से दो बार तीन किलोमीटर तक हाथ से खींचा जाता है. रथ यात्रा 23 जून को होनी है.

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कटक. उड़ीसा उच्च न्यायालय (Orissa High Court) ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगर वह पुरी में कोविड-19 दिशा-निर्देशों (Covid-19 Guidelines) के तहत रथयात्रा (Ratha Yatra) आयोजित करने का निर्णय करती है तो उसे यह भी विचार करना चाहिए कि रथ को मशीन या हाथी (Elephant) जैसे अन्य माध्यमों से खींचा जाए.

पुरी (Puri) में नौ दिन तक चलने वाली रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath), भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लकड़ी के बने भारी-भरकम रथों को परंपरागत रूप से दो बार तीन किलोमीटर तक हाथ से खींचा जाता है. रथ यात्रा 23 जून को होनी है.

उच्च न्यायालय का सुझाव, रथों को खींचने के लिये भारी मशीन या हाथी का करें इस्तेमाल
मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति बिश्वजीत मोहंती की खंडपीठ ने इस बारे में दो जनहित रिट याचिकाओं का निस्तारण करते हुए यह टिप्पणी की.
उच्च न्यायालय ने नौ जून के आदेश में कहा, ‘‘रथों को खींचने के लिए हम चाहते हैं कि भारी मशीन या हाथी जैसे उपायों का इस्तेमाल किया जाए, न कि लोग इसे खींचें क्योंकि इसे खींचने के लिए सैकड़ों लोगों की जरूरत होती है.’’



राज्य सरकार पुरी में रथयात्रा आयोजित कराने पर अगले हफ्ते कर सकती है विचार
खबरों के मुताबिक राज्य सरकार पुरी में रथयात्रा आयोजित कराने पर अगले हफ्ते विचार कर सकती है. रथयात्रा जहां 23 जून को है, वहीं बहुदा यात्रा एक जुलाई को तय है.

बता दें कि सरकार ने मई के अंत में अनलॉक 1.0 को लेकर नये दिशा-निर्देश जारी किये गये थे. जिनमें मॉल और होटल के साथ धार्मिक स्थलों को भी 8 जून से खोले जाने के निर्देश जारी किये गये थे. हालांकि तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुये सरकार की ओर से शुक्रवार को फिर से धार्मिक स्थलों, होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल के लिये नये निर्देश जारी किये गये थे. जिसमें-

धार्मिक स्‍थलों में लोगों को ये नियम मानने की बात कही गई थी
- जूते या चप्‍पल को अपने वाहन या बाहर ही निकालना होगा.
- प्रवेश से पहले हाथ और पैर को साबुन से अच्‍छी तरह से धोना होगा.
- सामाजिक दूरी नियम के अनुसार ही बैठना होगा.
- मूर्ति, देव प्रतिमा और किताबों को स्‍पर्श करने की अनुमति नहीं होगी.
- समूह में भक्ति संगीत गाने बजाने से बचें

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