रक्षा कैंटीन में सिर्फ देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग, बिक्री पर अभी कोई निर्णय नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने वोकल फॉर लोकल के लिए आह्वान किया था (सांकेतिक फोटो)
प्रधानमंत्री मोदी ने वोकल फॉर लोकल के लिए आह्वान किया था (सांकेतिक फोटो)

अर्थव्यवस्था (Economy) को मजबूत करने के प्रयासों के तहत प्रधानमंत्री ने मई महीने में आत्मनिर्भर अभियान (Atmanirbhar Bharat) की शुरुआत की थी ओर इसके तहत स्थानीय उत्पादों (Local products) को बढ़ावा देने का आह्वान किया था.

  • भाषा
  • Last Updated: September 19, 2020, 8:39 PM IST
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नई दिल्ली. सरकार (Government) ने शनिवार को बताया कि रक्षा कैंटीन (Defence Canteen) में सिर्फ देश में निर्मित वस्तुओं (Manufactured goods) के उपयोग और बिक्री (Use and sale) पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है. रक्षा राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक (Minister of State for Defence Shripad Naik) ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘‘इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है.’’ उनसे पूछा गया था कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के ‘‘वोकल फॉर लोकल’’ (Vocal for Local) के आह्वान के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) अपने कैंटीन (Canteen) के माध्यम से सिर्फ भारत में निर्मित वस्तुओं के उपयोग और विक्रय पर विचार करेगा.

अर्थव्यवस्था (Economy) को मजबूत करने के प्रयासों के तहत प्रधानमंत्री ने मई महीने में आत्मनिर्भर अभियान (Atmanirbhar Bharat) की शुरुआत की थी ओर इसके तहत स्थानीय उत्पादों (Local products) को बढ़ावा देने का आह्वान किया था. एक अन्य सवाल के जवाब में नाईक ने स्वीकार किया कि रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने हाल ही में भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) की 37 एयरफील्ड की अवसंरचनाओं (Infrastructures) को आधुनिक बनाने के लिए किसी निजी कंपनी (Private Company) के साथ संविदा (contracts) पर हस्ताक्षर किया है.

इस संविदा से बाजार में पूंजी लाने और कई क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
उन्होंने कहा, ‘‘जी, हां. मंत्रालय ने 8 मई, 2020 को एयरफील्ड अवसंरचना (MAFI) के दूसरे चरण के आधुनिकीकरण के लिए एक संविदा पर हस्ताक्षर किए हैं.’’ उन्होंने कहा कि इस संविदा से बाजार में पूंजी लाने और संचार, एवियोनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी के अलावा सिविल और इलेक्ट्रिकल उपकरणों और निर्माण के क्षेत्र में रोजगार सृजन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
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बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के इस दौर में भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था. इस पैकेज को आत्मनिर्भर भारत अभियान का नाम दिया गया था. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों को भी आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित किया था.
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