2022 के विधानसभा चुनाव पर BJP की नजर, नई कैबिनेट में साधा जातीय और क्षेत्रीय समीकरण

Qazi Faraz Ahmad | News18Hindi
Updated: August 21, 2019, 6:39 PM IST
2022 के विधानसभा चुनाव पर BJP की नजर, नई कैबिनेट में साधा जातीय और क्षेत्रीय समीकरण
छह ब्राह्मण, चार क्षत्रिय, एक वैश्य, एक जाट, लोधी और कश्यप समुदाय के एक विधायक को कैबिनेट में लाकर क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को नए मंत्रिमंडल में कुशलता से संभाला गया है.

छह ब्राह्मण, चार क्षत्रिय, एक वैश्य, एक जाट, लोधी और कश्यप समुदाय के एक विधायक को कैबिनेट में लाकर क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को नए मंत्रिमंडल में कुशलता से संभाला गया है.

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की सरकार ने साल 2022 के विधानसभा चुनावों (2022 Uttar Pradesh Assembly Election) को ध्यान में रखते हुए बुधवार को कैबिनेट (Uttar Pradesh Cabinate) में पांच मंत्रियों को कैबिनेट रैंक बढ़ाकर और 17 नए चेहरों को राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया.

कैबिनेट में लोगों का प्रमोशन और उन्हें शामिल करना जाति की गणना को ध्यान में रखते हुए किया गया है जो अगले विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. छह ब्राह्मण, चार क्षत्रिय, एक वैश्य, एक जाट, लोधी और कश्यप समुदाय के एक विधायक को कैबिनेट में लाकर क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को नए मंत्रिमंडल में कुशलता से संभाला गया है.

ब्राह्मण समुदाय से आने वाले नए मंत्रियों में नीलकंठ तिवारी, सतीश द्विवेदी, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल शर्मा और रामनरेश अग्निहोत्री शामिल हैं. अनुसूचित जाति की विधायक कमल रानी वरुण को कैबिनेट रैंक दिया गया.

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अनुसूचित जाति से हैं धर्मेश

उनके अलावा, मंत्री श्री राम चौहान और गिर्राज सिंह धर्मेश अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं. मंत्री रविंद्र जायसवाल, कपिल देव अग्रवाल और महेश गुप्ता वैश्य समुदाय से हैं. अनिल राजभर और नीलिमा कटियार पिछड़े वर्ग से आते हैं, जबकि धर्मेश जाटव समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं और उदयभान सिंह जाट विधायक हैं.

नई कैबिनेट में युवा और वरिष्ठ नेताओं का भी मिश्रण है. बीजेपी प्रवक्ता समीर सिंह ने News18 को बताया, 'नए मंत्रिमंडल में सभी समुदायों को महत्व दिया गया है. यह युवा और वरिष्ठ नेताओं का एक अच्छा संतुलित मिश्रण है.'
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नहीं मिल सका था सभी को प्रतिनिधित्व

इससे पहले, 2017 के विधानसभा चुनावों में भारी जनादेश के बावजूद, सभी क्षेत्रों को सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा सका. इस मुद्दे को कैबिनेट के पहले विस्तार के साथ हल किया गया क्योंकि अब आगरा, बुंदेलखंड, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, बस्ती और कानपुर जोन के मंत्रियों को इसमें शामिल किया गया है.

कपिल देव अग्रवाल पश्चिम यूपी के मुजफ्फरनगर से हैं, चरथावल से विजय कश्यप, बुलंदशहर से अनिल शर्मा, आगरा छावनी से धर्मेश, फतेहपुर से चौधरी उदयभान सिंह और मैनपुरी से रामनरेश अग्निहोत्री हैं. इसी तरह, चित्रकूट से चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को बुंदेलखंड से स्वतंत्र देव के इस्तीफे के बाद कैबिनेट में शामिल किया गया है.

नीलिमा कटियार और कमल रानी वरुण को कानपुर मंडल से कैबिनेट में शामिल किया गया है, जबकि सतीश द्विवेदी बस्ती डिवीजन से और रविंद्र जायसवाल वाराणसी मंडल से हैं.

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First published: August 21, 2019, 6:26 PM IST
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