हाथरस केस: राहुल गांधी से धक्का-मुक्की से हाईकोर्ट के संज्ञान तक, पढ़ें 10 अपडेट्स

पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के 203 नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. (PTI)
पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के 203 नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. (PTI)

हाथरस कांड (Hathras Case) के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) समेत हजारों कांग्रेसियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया. हालांकि, इसके बाद राहुल और प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया, मगर बाद में छोड़ भी दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 7:43 AM IST
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नई दिल्ली/हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस में कथिततौर पर गैंगरेप की शिकार पीड़िता की मौत और फिर पुलिस के उसका अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर योगी सरकार निशाने पर है. हाथरस कांड (Hathras Case) के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) समेत हजारों कांग्रेसियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया. हालांकि, इसके बाद राहुल और प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया, मगर बाद में छोड़ भी दिया. कांग्रेस समेत विपक्ष इस मामले को लेकर योगी सरकार पर हमलावर है, वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों को समन जारी किया है. आइए 10 पॉइंट्स में जानते हैं हाथरस केस के बड़े अपडेट्स:-
दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को गुरुवार को उस समय हिरासत में ले लिया गया, जब दोनों दलित युवती के परिवार से मुलाकात के लिए हाथरस जाने पर अड़े हुए थे. उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका और अन्य 150 नेताओं को निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर हिरासत में लिया गया, लेकिन निजी मुचलका जमा करने पर उन्हें छोड़ दिया गया.
पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के 203 नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. एफआईआर में इन लोगों के खिलाफ कई संगीन धाराएं लगाई गई हैं. मुकदमा गौतमबुद्ध नगर पुलिस की ओर से ही दर्ज किया गया है. मुकदमा धारा 144 का उल्लंघन करने तथा महामारी के दौरान आम लोगों का जीवन संकट में डालने के आरोप में आईपीसी की धारा 188, और धारा 269, 270 के तहत दर्ज कराया गया है.
पुलिस की ओर से आगे कहा गया कि नोएडा एक्सप्रेस-वे पर काफिले में शामिल दो गाड़ियों में भिडंत भी हो गई. जिसके बाद यमुना एक्सप्रेस वे के जीरो प्वांइट पर काफिले को रोकने का प्रयास किया गया जहां पर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों द्वारा पुलिस के साथ हाथापाई व धक्कामुक्की की गई.
पुलिस के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी यमुना एक्सप्रेस वे पर अपने कार्यकर्ताओं के साथ पैदल चलने लगे, जिससे एक्सप्रेस वे पर दोनों तरफ जाम की स्थिति पैदा हो गई. इसमे कई एम्बुलेंस भी फंसे हुए थे.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मामले में लिया स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्‍तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी, डीजीपी, एडीजी एलओ और हाथरस के डीएम, एसपी से मामले में 12 अक्टूबर तक मांगा जवाब है. हाईकोर्ट के डबल बेंच ने हाथरस मामले में पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर नाराजगी भी जताई.
इस बीच लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा, 'एफएसएल की रिपोर्ट आ गयी है. उसमें स्पष्ट कहा गया है कि सैंपल में शुक्राणु नहीं मिले हैं. इससे स्पष्ट हो जाता है कि रेप या गैंगरेप नहीं किया गया.' उन्होंने कहा कि वारदात के बाद युवती ने पुलिस को दिए गए अपने बयान में भी अपने साथ रेप होने की बात नहीं कही थी.
सुप्रीम कोर्ट में 47 महिला वरिष्ठ वकीलों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एसए बोबडे और कोलेजियम के सदस्य जजों को इस बारे में चिट्ठी लिखी है. महिला वकीलों ने इस केस की जल्द सुनवाई करने और आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की है.
उधर, हाथरस के डीएम पी.के. लक्षकार ने बताया कि जिले में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी. जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं. उन्होंने सभी से जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.
14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर गैंगरेप किया गया था. लड़की को रीढ़ की हड्डी में चोट और जीभ कटने की वजह से पहले अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. उसके बाद उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन कर इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने को कहा था. राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिये बुधवार को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है. इसे सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है.
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