क्या हाथरस केस की होगी SIT जांच? सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

चीफ जस्टिस (CJI SA Bobde) एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की बेंच याचिका पर सुनवाई करेगी.
चीफ जस्टिस (CJI SA Bobde) एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की बेंच याचिका पर सुनवाई करेगी.

हाथरस केस (Hathras Case) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि यूपी में मामले की जांच और ट्रायल निष्पक्ष नहीं हो पाएगी. शीर्ष अदालत (Supreme Court) को इस केस की जांच एसआईटी से कराने का आदेश देना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 3:10 PM IST
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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले (Hathras Case) में दलित युवती से कथित गैंगरेप और मौत के मामले में देशभर में आक्रोश है. इस केस की SIT से जांच कराने को लेकर एक जनहित याचिका दाखिल की गई है, जिसपर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में आज सुनवाई होगी. चीफ जस्टिस (CJI SA Bobde) एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी.

दिल्ली निवासी सत्यमा दुबे, विकास ठाकरे, रुद्रप्रताप यादव और सौरभ यादव ने यह जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि यूपी में मामले की जांच और ट्रायल निष्पक्ष नहीं हो पाएगी. लिहाजा शीर्ष अदालत को इस केस की सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने का आदेश देना चाहिए, ताकि युवती और उसके परिवार को इंसाफ मिल सके. याचिका में जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड जज से कराने की भी मांग भी की गई है.

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यूपी पुलिस की भूमिका पर खड़े किए सवाल
याचिका में यूपी पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं. पुलिस के विपक्षी नेताओं के साथ टकराव और रात 2.30 बजे शव के अंतिम संस्कार किए जाने का जिक्र याचिका में किया गया है. बता दें कि हाथरस की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ सवाल उठने लगे हैं, जिसके बाद यूपी सरकार ने मामले की जांच CBI से कराने का फैसला लिया है.

माहौल बिगाड़ने के आरोप में PFI के चार कार्यकर्ता गिरफ्तार
उधर, हाथरस में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. पुलिस ने जिले के चंदपा थाने में जाति आधारित संघर्ष की साजिश, सरकार की छवि बिगाड़ने के प्रयास और माहौल बिगाड़ने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनका संबंध प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से है.

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार ने बताया कि सोमवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्‍ध व्‍यक्ति दिल्‍ली से हाथरस की तरफ जा रहे हैं. इस पर टोल प्‍लाजा मांट के पास संदिग्‍ध वाहनों की चेकिंग की गई. स्विफ़्ट डिजायर गाड़ी में सवार चार युवकों को रोक कर पूछताछ की गई तो उनका संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सहयोगी संगठन कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से होने की जानकारी मिली.



'माहौल बिगाड़ने की थी योजना'
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार ने सोमवार को चंदपा थाने में दर्ज मुकदमों की जानकारी दी. उन्‍होंने बताया कि पोस्‍टरों, सोशल मीडिया पोस्‍ट से माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है. ऐसे लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्रशांत कुमार ने कहा कि ' पहला मुकदमा वायरल आडियो से माहौल बिगाड़ने के प्रयास में चंदपा थाने में हुआ. एक साजिश के तहत यूपी का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है. हम सूबतों के आधार पर कार्रवाई कर रहे हैं. कई एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं.'
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