हाथरस केस: पुलिस ने परिवार को दूर रख करा दिया पीड़िता का अंतिम संस्कार, लोगों का फूटा गुस्सा

परिवारवालों ने पुलिस पर अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया है.  परिवार का कहना है कि पुलिस ने शव को एक बार घर ले जाने की इजाजत तक नहीं दी.  (ANI)
परिवारवालों ने पुलिस पर अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया है. परिवार का कहना है कि पुलिस ने शव को एक बार घर ले जाने की इजाजत तक नहीं दी. (ANI)

Hathras Case: करीब 200 की संख्या में पुलिसवाले घरवालों की मांग ठुकराते हुए लाश को रात 2 बजकर 20 मिनट पर अंतिम संस्कार के लिए ले गए. पुलिसवालों ने अंतिम संस्कार के वक्त घेरा बना लिया. किसी को चिता के पास जाने तक नहीं दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 10:42 AM IST
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नई दिल्ली/हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras Gangrape Case) में एक युवती के साथ दरिंदगी की घटना सामने आई. दलित परिवार का आरोप है कि उनकी 19 साल की बेटी के साथ गांव के ही 4 लोगों ने गैंगरेप किया. उनका कहना है कि वारदात को अंजाम देने के बाद लड़की का जीभ काट दिया गया और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई, ताकि वह मदद के लिए कहीं न जा पाए. 14 दिन की जंग के बाद मंगलवार सुबह पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया. देशभर में इस घटना को लेकर काफी ज्यादा गुस्सा है. हर तरफ से एक ही मांग उठ रही है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. साथ ही उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं.

हाथरस केस में यूपी पुलिस पर भी कई आरोप लगे हैं. देर रात लड़की का शव उसके गांव पहुंचा. परिवारवालों ने पुलिस पर जबरन अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया है. परिवार का कहना है कि पुलिस ने शव को एक बार घर ले जाने की इजाजत तक नहीं दी. जल्दी-जल्दी में अंतिम संस्कार करा दिया गया. ट्विटर पर पीड़िता के अंतिम संस्कार के कई वीडियो शेयर किए गए हैं, जिसमें लोग पुलिस के इस रवैये पर सवाल खड़े कर रहे हैं..

पुलिस की नसीहत-लाश को ज्यादा देर नहीं रखना चाहिए
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए इनमें से एक वीडियो में पुलिस अफसर पीड़ित परिवार को नसीहत भी दे रहा है कि लाश को इतनी देर तक रखना ठीक नहीं. सबकुछ रीति-रिवाज के मुताबिक हो जाना चाहिए. एक वीडियो में लड़की की मां पुलिस अफसर से गुहार लगाती है, 'मेरी बच्ची को एक बार घर ले जाने दीजिए. सिर्फ एक बार. अंतिम संस्कार की इतनी जल्दी क्या है? इतनी रात गए... जल्दी जल्दी में क्यों करा रहे हैं?' जबाव में पुलिस अफसर कहते हैं, 'मैं राजस्थान से हूं. मेरे कल्चर में लाश को ज्यादा देर तक नहीं रखा जाता. बाकी सब आप देख लीजिए.'
आप लोग मानिए आपसे भी गलती हुई


एक अन्य वीडियो में लड़की की मां दोबारा पुलिस से गुहार लगाती हैं. तब पुलिसवाला कहता है, 'रीति-रिवाज समय के साथ बदलते हैं. आप लोग मानिए कि आप लोगों से भी गलती हुई है.' एक और वीडियो फुटेज में लड़की की मां ने कहा, 'हम अपनी बच्ची की विदाई करना चाहते हैं. हल्दी लगानी होती है. तभी आखिरी विदाई होती है. आप हमें बेटी को एक बार घर क्यों नहीं ले जाने दे रहे हैं? आप जबदस्ती क्यों कर रहे हैं?'

अंतिम संस्कार के दौरान परिवार को चिता से दूर रखा
करीब 200 की संख्या में पुलिसवाले घरवालों की मांग ठुकराते हुए लाश को रात 2 बजकर 20 मिनट पर अंतिम संस्कार के लिए ले गए. पुलिसवालों ने अंतिम संस्कार के वक्त घेरा बना लिया. किसी को चिता के पास जाने तक नहीं दिया.

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
इन वीडियो पर यूजर्स के रिएक्शन भी आ रहे हैं. एक यूजर्स लिखते हैं, 'मेरे पास शब्द नहीं हैं. सिर्फ विजुअल्स देखिए. मैं बहुत हेल्पलेस महसूस कर रहा हूं. बहुत दुखी भी.'
एक अन्य यूजर लिखते हैं, 'ये है यूपी पुलिस. पुलिस का ये चेहरा घिनौना है. शर्मनाक...'@mannankhan8 हैंडल से ट्वीट किया गया- 'मुझे नहीं मालूम मैं क्या कहूं. एसपी, डीएम, जॉइंट मजिस्ट्रेट भी... मैंने तो पढ़ा था कि डीएम सुप्रीम होते हैं और वो सब जानते हैं. लेकिन ये क्या. अगर पीड़ितों के साथ ऐसा होगा, तो गुहनहारों को सजा कैसे होगी.


हाथरस केस को लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट किया है. केजरीवाल ने लिखा- 'हाथरस की पीडिता का पहले कुछ वहशियों ने बलात्कार किया और कल पूरे सिस्टम ने बलात्कार किया. पूरा प्रकरण बेहद पीड़ादायी है.'
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