• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • उत्‍तराखंड आपदा: अब तक 31 शव बरामद, 170 लापता लोगों को बचाने के लिए वक्त से जंग- 10 खास बातें

उत्‍तराखंड आपदा: अब तक 31 शव बरामद, 170 लापता लोगों को बचाने के लिए वक्त से जंग- 10 खास बातें

तपोवन में बचाव कार्य में युद्ध स्तर पर जुटी हैं एजेंसियां

तपोवन में बचाव कार्य में युद्ध स्तर पर जुटी हैं एजेंसियां

Uttarakhand Chamoli Glacier burst: सुरंग में फंसे 30-35 लोगों को बाहर निकालने के लिए सेना सहित कई एजेंसियों का संयुक्त बचाव और राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है.

  • Share this:

    नई दिल्‍ली/देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले (Chamoli) में ऋषिगंगा घाटी में आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 31 तक पहुंच गई जबकि एनटीपीसी की क्षतिग्रस्त तपोवन-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे 30-35 लोगों को बाहर निकालने के लिए सेना सहित कई एजेंसियों का संयुक्त बचाव और राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है.

    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली ताजा जानकारी के अनुसार आपदाग्रस्त क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों से कुल 31 शव बरामद हो चुके हैं जबकि 170 अन्य लापता हैं. रविवार को ऋषिगंगा घाटी में पहाड़ से गिरी लाखों मीट्रिक टन बर्फ के कारण ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों में अचानक आई बाढ़ के बाद सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल(एनडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) के जवान लगातार बचाव और राहत अभियान में जुटे हुए हैं.

    आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लौटे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सुरंग के अंदर बहुत घुमाव है जिस कारण सोमवार को अभियान में आई तेजी मंगलवार को कुछ धीमी हुई है. हालांकि, उन्होंने कहा कि अब ड्रिल करके रस्सी के सहारे आगे पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. ऋषिगंगा और तपोवन बिजली परियोजनाओं में काम करने वाले और आसपास रहने वाले करीब आधा दर्जन लोग आपदा में घायल हुए हैं.
    इस बीच, एसडीआरएफ ने कहा कि उनके तलाशी दस्ते रैंणी, तपोवन, जोशीमठ, रतूडा, गौचर, कर्णप्रयाग, रूद्रप्रयाग क्षेत्रों में अलकनंदा नदी में शवों की तलाश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री रावत ने मंगलवार सुबह क्षेत्र का हवाई सर्वेंक्षण किया और हादसे में घायल हुए लोगों से जोशीमठ के अस्पताल में मुलाकात की और उनका हालचाल जाना.
    चमोली जिले में रविवार को ग्‍लेशियर टूटने के बाद उत्‍तर प्रदेश सरकार ने राहत कार्य के लिए सक्रियता बढ़ा दी है. उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मंगलवार को उत्‍तराखंड से समन्‍वय के लिए गन्‍ना विकास मंत्री सुरेश राणा के नेतृत्‍व में मंत्रियों का एक दल भेजा है.
    गन्‍ना विकास व चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा के नेतृत्‍व में तीन सदस्‍यीय मंत्रियों की एक समिति बनाई है जिसमें मंत्री धर्म सिंह सैनी और विजय कश्‍यप भी शामिल हैं. इसके अलावा उत्‍तराखंड शासन और प्रशासन से समन्‍वय के लिए अपर मुख्‍य सचिव (गृह) अवनीश अवस्‍थी के नेतृत्‍व में अधिकारियों का एक दल भी बनाया गया है. प्रवक्‍ता के अनुसार सहायता के लिए लखनऊ में राहत आयुक्त कार्यालय में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जिसका नंबर 1070 है.
    सुरंग के अंदर फंसे सभी लोगों को बचाने का राहत कार्य स्‍टेट डिजास्‍टर रिस्‍पॉन्‍स फोर्स और आईटीबीपी के जवान संयुक्‍त रूप से कर रहे हैं. सुरंग के अंदर बहुत घुमाव है जिस कारण सोमवार को अभियान में आई तेजी मंगलवार को कुछ धीमी हुई है.
    उत्तराखंड के तपोवन में जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 30 से अधिक लोग बाढ़ के बाद लापता हैं. लापता लोग लखीमपुर खीरी जिले की निघासन तहसील के हैं. उनके लापता होने की रिपोर्ट तब सामने आई जब कुछ बचाए गए श्रमिकों ने अपने परिवार के सदस्यों से संपर्क किया और उन्हें त्रासदी की जानकारी दी.
    लापता हुए लोगों के परिजनों के अनुसार विभिन्न गांवों के कम से कम 34 लोग, जिनमें इच्‍छानगर से 15, भैरमपुर से आठ, बाबूपुरवा से चार, तिकोनिया के तीन, और भुल्लनपुर, कड़िया, सिंगाही और मिर्जापुर से एक-एक व्‍यक्ति लापता है. निघासन सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ओम प्रकाश गुप्ता ने रविवार को कहा था कि प्रशासन उत्तराखंड सरकार के साथ संपर्क होने तक लापता लोगों की संख्या की पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है.
    लखनऊ में राहत आयुक्त के कार्यालय ने कहा कि उसने लापता लोगों के परिवार के सदस्यों को उनसे बात करने में सक्षम बनाने के लिए एक राज्य-स्तरीय आपातकालीन परिचालन केंद्र शुरू किया है. लोग अपने लापता परिवार के सदस्यों के बारे में हेल्पलाइन 1070 और व्हाट्सएप नंबर 9454411036 पर जानकारी दर्ज कर सकते हैं.
    ग्लेशियर के फटने से हुए हिमस्खलन के कारण हुए जानमाल के नुकसान को लेकर अमेरिका ने भी शोक व्यक्त किया. उसने कहा, 'हमारे संवेदनाएं भारतीय मित्रों और भागीदारों के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान हैं.' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, 'हम मृतक के परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं, हम एक सफल बचाव प्रयास और घायलों के लिए एक त्वरित और पूर्ण वसूली की उम्मीद करते हैं.
    उत्‍तराखंड के डीजीपी का कहना है कि हम सुरंग के अंदर मलबे को हटाने के लिए लगने वाले समय के बारे में नहीं बता सकते. हमने प्रोजेक्‍ट इंजीनियर्स से कोई वैकल्पिक रास्‍ता बनाने को कहा है. हम इसे आज ही करेंगे.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज