वैक्सीन लगी हो या नहीं, कोरोना से बचाव के लिए इन तीन बातों का रखें ध्यान

भारत में बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण के मामले. (Pic- Reuters)

भारत में बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण के मामले. (Pic- Reuters)

Coronavirus in India: के विजयराघन ने कहा कि पूरी तरह से टीका लगवा चुके लोगों को भी मास्क पहनना, शारीरिक दूरी का पालन करना और अच्छी तरह के वेंटिलेशन वाली जगह पर रहना जरूरी है. ऐसा व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर किया जाना चाहिए.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के विजयराघवन ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए चाहे टीकाकरण हुआ हो या फिर नहीं लोगों को तीन बातें जरूर ध्यान रखनी चाहिए. जहां सरकार और विशेषज्ञ लगातार मास्क और शारीरिक दूरी (Physical Distancing) बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं, डॉ विजयराघवन ने इस सूची में वेंटिलेशन को भी जोड़ा है. उन्होंने कहा, "इस उछाल के दौरान स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली पर दबाव कम करने के लिए ये हस्तक्षेप तुरंत जरूरी हैं." विजयराघवन ने कहा कि सभी के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तरों पर इसका पालन आवश्यक है."

केंद्र ने कोविड-19 के घरेलू उपचार के लिए अपनी गाइडलाइन में एक हवादार कमरे में आइसोलेट होने पर जोर दिया. यहां तक ​​कि अगर लोगों को कोविशील्ड या कोवैक्सिन में से किसी भी टीके की खुराक लगी है तो उन्हें भी एक तरह हवादार कमरे में रहना चाहिए. सलाहकार ने कहा, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की आवश्यकता टीकाकरण से कम नहीं होती है. यहां तक कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी घर के अंदर भी मास्क पहनने की सलाह दी है.

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कोरोना की नई लहरों के लिए रहना होगा तैयार
इससे पहले विजयराघवन ने हाल ही में आगाह किया था कि कोरोना वायरस की नई लहरों के लिए तैयार रहना चाहिए. विजयराघवन ने साथ ही यह भी कहा कि देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर कितनी तीव्र होगी इसका पूर्वानुमान नहीं जताया गया था. उन्होंने कहा कि हालांकि टीके ब्रिटेन में सामने आये कोविड-19 के नये प्रकार और दोहरे उत्परिवर्तन के खिलाफ प्रभावकारी हैं लेकिन वायरस के आगे और उत्परिवर्तन करने के मद्देनजर निगरानी और टीके को अपडेट करने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि टीके और अन्य प्रकार की स्थिति के संदर्भ में रणनीति में बदलाव के साथ तैयार होना आवश्यक है.

देश के शीर्ष वैज्ञानिक ने कहा कि कम ऐहतियाती उपाय, पहली लहर से आबादी में कम प्रतिरक्षा के चलते दूसरी लहर अधिक तीव्र हो रही है और इससे अभी तक देश भर में हजारों लोगों को जान गंवानी पड़ी है और लाखों लोग संक्रमित हुए हैं.




उन्होंने कहा कि कई कारकों के चलते यह दूसरी लहर अधिक तीव्र हो रही है और कोविड-19 के नये प्रकार इनमें से एक हैं. उन्होंने कहा कि पहली लहर पिछले साल सितंबर में उच्चतम स्तर पर थी और उसके बाद मामलों में कमी आने लगी थी. कहा कि दो कारकों के कारण पहली लहर में गिरावट आई.

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