Corona Vaccination Drive: कितनी डोज में असर करेगी वैक्सीन और क्या होगी कीमत? यहां जानें सब

REUTERS/Francis Mascarenhas

Corona Vaccination Drive: एंटी कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव के पहले दिन 3 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा. यहां जानें भारत में अप्रूव की गई वैक्सीन कौन सी है और उनके मूल्य क्या हैं और सब कुछ

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    नई दिल्ली. भारत दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान (Corona Vaccination Drive) को शुरू करने के लिए तैयार है. मौजूदा योजना में 3 करोड़ लोगों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जा रहा है. टीकाकरण अभियान के पहले दिन शनिवार को 3 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को कोविड-19 वैक्सीन लगाई जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10.30 बजे अभियान की शुरुआत के दौरान सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कुल 3,006 टीकाकरण केंद्र वर्चुअली जुड़े रहेंगे. हर जगह लगभग 100 लाभार्थियों को टीका लगाया जाएगा.

    भारत में अप्रूव की गई वैक्सीन कौन सी है और उनकी कीमत क्या है? -
    सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित किए गए कोविशील्ड (Covishield) और भारत बायोटेक से कोवैक्सिन (Covaxin) को भारत सरकार ने मंजूरी दी है. ये पहले ही सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहुंचा दिए गए हैं. कोवीशिल्ड और कोवैक्सिन की एक खुराक की कीमत भारत में 200 से 295 रुपये तक हो सकती है. सीरम इंस्टीट्यूट के CEO अदार पूनावाला ने भी कहा है कि बाजार में वैक्सीन की कीमत 1,000 रुपये हो सकती है.



    क्या वैक्सीन के कोई दुष्प्रभाव हैं?
    स्वास्थ्य मंत्रालय (Mohfw) ने दोनों टीकों के टीकाकरण के बाद हल्के दुष्प्रभावों के बारे में चेतावनी दी है. कोविशील्ड के मामले में दर्द, सिरदर्द, थकान, मायलागिया, मलाइज़, पाइरेक्सिया, ठंड लगना और आर्थ्राल्जिया और मतली जैसे कुछ हल्के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं. वहीं कोवैक्सिन के मामले में सिरदर्द, थकान, बुखार, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, मतली और उल्टी, चक्कर आना, कंपकंपी, पसीना, सर्दी, खांसी और इंजेक्शन लगने वाली जगह पर सूजन हो सकता है. कुछ परिस्थतियों में पैरासीटामॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है.

    डोज़ की मिक्सिंग नहीं होगी: स्वास्थ्य मंत्रालय
    सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोरोनो वायरस की वैक्सीन को केवल 18 साल और उससे अधिक के लिए इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिली है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने राज्यों को लिखा था, 'दूसरी खुराक भी उसी COVID-19 वैक्सीन की होनी चाहिए, जो पहली खुराक के रूप में दी गई थी.'

    सरकार की प्राथमिकता समूह में कौन है?,
    स्वास्थ्यकर्मियों को सबसे पहले वैक्सीन मिलेगी क्योंकि उनको संक्रमण की चपेट में आने का खतरा ज्यादा है. इसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सीनेशन होगा. आखिर में 50 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों और 50 वर्ष से कम आयु वाले व्यक्तियों को टीका लगाया जाएगा.

    CO-WIN एप्लीकेशन क्या है?
    CO-WIN एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसे COVID-19 टीका वितरण की निगरानी के लिए बनाया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि यह एंटी-कोरोनावायरस वैक्सीनेशन ड्राइव की नींव तैयार करेगा. ऐप को लोगों द्वारा टीकाकरण प्रक्रिया के लिए खुद को रजिस्टर करने में सक्षम बनाने के लिए भी डिजाइन किया गया है. हालांकि, इसमें कुछ समय लगेगा क्योंकि टीकाकरण की मौजूदा योजना में स्वास्थ्य कर्मियों समेत सिर्फ 3 करोड़ लोग शामिल हैं.

    सरकार ने बताया था कि देश में एंटी कोविड वैक्सीन की ट्रैकिंग और रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के लिए को-विन ऐप पांच मॉड्यूल, मतलब - एडमिनिस्ट्रेटर मॉड्यूल, रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल, वैक्सीनेशन मॉड्यूल, बेनफिशीएरी अकनॉलेजमेंट मॉड्यूल और रिपोर्ट मॉड्यूल के साथ बनाया गया है. मोबाइल ऐप eVIN (इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) का भी अपडेटेड वर्जन है. यह Google Play Store और Apple App Store के जरिए मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकेगा. ऐप JIO फोन पर भी लॉन्च हो सकता है जो KaiOS पर चलते हैं.

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