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कोविड से बचाव ही नहीं मौत की दर को कम करने में भी कारगर है वैक्सीनः डॉ देवी शेट्टी

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) ने आज बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक 56.76 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं.

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) ने आज बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक 56.76 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं.

तीसरी लहर का खतरा कितना सही है, इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इसमें बच्चों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि उन्हें वैक्सीन नहीं लगी है. हर भारतीय को सोचना चाहिए कि कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है, क्योंकि अगर आप ऐसा सोचेंगे नहीं तो आप उससे बचाव के उपाय नहीं करेंगे. वैसे तो भगवान करे कि तीसरी लहर नहीं आए.

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    नई दिल्ली. भारत में अभी भी वैक्सीन को लेकर हिचक और अपर्याप्त कवरेज देखने को मिल रही है, इसलिए अभी भी जिन्हें टीका नहीं लगा है उनके लिए सार्वजनिक स्थलों पर पाबंदी हटाने का सही समय अभी नहीं आया है. ये कहना है स्वास्थ्य जगत के दिग्गज डॉ देवी शेट्टी का. बेंगलुरू में नारायण हेल्थ के वैक्सीन ऑन व्हील अभियान की शुरुआत के मौके पर न्यूज18 इंडिया से खास बातचीत की.

    क्या भारत टीकाकरण के मामले में अभी भी दूसरे देशों से पीछे हैं?
    देखिए सबसे बड़ी दिक्कत तो यह है कि जब वैक्सीन उपलब्ध थी तो लोग उसे लगवाना नहीं चाहते थे. अब जब कुछ लोग लगवाना चाह रहे हैं तो उपलब्धता को लेकर थोड़ी समस्या आ रही थी लेकिन वो हालात भी धीरे-धीरे ठीक हो रहे है. लेकिन देखा जाए तो अभी भी एक बड़ा तबका है जिसे वैक्सीन लगना है लेकिन वो इसके विरोध में हैं. हमारा विचार ग्रामीण भारत में इसे पहुंचाने का है, हमारे पास वॉल्वो बसे हैं जिनमें ठंडा करने की सुविधा है. साथ ही डॉ़क्टर और नर्स हैं जो गांवों तक पहुंच कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाने में मदद कर सकते हैं.

    ऐसे देश जहां टीकाकरण का आंकड़ा सबसे ज्यादा वहां उन देशों का डाटा क्या कहता है

    देखिए इजराइल और अमेरिका को देखिये वहां पर कितने लोग संक्रमित हुए. जिन्हें आइसीयू में भर्ती करना पड़ा और कितने लोगों की मौत हुई, ये संख्या बहुत कम है. इसमें कोई विवाद ही नहीं है कि वैक्सीन न सिर्फ कोविड के खिलाफ बचाव करती है बल्कि ये मृत्यु दर को कम करने में भी कारगर है. यह संदेश सभी लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुचंना बेहद ज़रूरी है.

    तीसरी लहर का खतरा कितना सही है, इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इसमें बच्चों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि उन्हें वैक्सीन नहीं लगी है. हर भारतीय को सोचना चाहिए कि कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है, क्योंकि अगर आप ऐसा सोचेंगे नहीं तो आप उससे बचाव के उपाय नहीं करेंगे. वैसे तो भगवान करे कि तीसरी लहर नहीं आए. अगर ये आती भी है तो ये दूसरी लहर के मुकाबले कम घातक होगी, हमारा मानना है कि धीरे-धीरे ये एक स्थानिक रोग में बदल जाएगा.

    हालांकि हमें ऐसा मान कर चलना चाहिए कि तीसरी लहर आएगी और ये बच्चों पर असर डालेगी, और जिसे टीका नहीं लगा है वो प्रभावित होगा, इसलिए चीजों को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

    हम देख रहे हैं कि कई राज्यों ने स्कूलों को दोबारा खोलना शुरू कर दिया है, क्या स्कूल दोबारा खोले जाने चाहिए, ज्यादातर पालक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से घबरा रहे हैं. देखिये स्कूल खोल देने चाहिए लेकिन बच्चों को भेजना है या नहीं ये फैसला पूरी तरह से पालकों पर छोड़ देना चाहिए. लेकिन मैं आपको ये बताना चाहूंगा कि बच्चे अगर संक्रमित होते हैं तो प्रकृति उन्हें सुरक्षित करती है. वो गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ते, लेकिन सबसे पहले, सभी स्कूलों को सावधानियां अपनाने की ज़रूरत है, स्कूल में काम करने वाले सभी वयस्कों को टीका लगा होना चाहिए, या उन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी जाना चाहिए.

    सभी वयस्कों को अपना कोविड-19 का स्टेटस पर ध्यान देना चाहिए नहीं तो कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा, हम स्कूलों को हमेशा के लिए बंद नहीं रख सकते हैं. उन्हें खोला ही जाना चाहिए,लेकिन ठीक उस तरह जैसे कर्नाटक सरकार ने किया यानी फेज में स्कूल खोलने चाहिए.

    हमने टीकाकरण के लिए प्रोत्साहन भी दिए हैं लेकिन कुछ देशो में अब पाबंदिया लगाई जा रही हैं. मसलन, जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है ऐसे लोग ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकते हैं, उन्हें आर्थिक दंड भुगतना होगा या जो प्रोत्साहन उन्हें दिया गया था वो वापस ले लिया जाएगा. हम एक असली प्रजातांत्रित देश में रह रहे हैं. यहां हर नागरिक को अपने चयन का अधिकार है, लेकिन बतौर भारतीय नागरिक मैने अपनी वैक्सीन ली है, और मुझे लगता है कि जिन्होंने वैक्सीन लगवाई है उन्हें ये मांग करने का अधिकार है.

    स्वाभाविक सी बात है कि मैं वैक्सीन क्यों लगवाऊं जब दूसरे बगैर इसे लगवाए सारी सुविधा भोग रहे हैं. कई देशों में रेस्टोरेंट और सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे लोगों के आने पर पाबंदी लगा दी गई है जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है. हालांकि मुझे नहीं लगता है कि हम अभी इसके लिए तैयार हैं क्योंकि अभी हमारे यहां वैक्सीन की उस स्तर पर आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है. अगर कोई पलट के मुझ से पूछ ले कि ठीक है मैं तैयार हूं, कहां है वैक्सीन, अगर हर कोई तैयार हो जाए तो हम आपूर्ति के लिए ही तैयार नहीं है. ऐसे में सहीतीसरी लहर का खतरा कितना सही है, इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इसमें बच्चों पर सबसे ज्यादा असVaccination Not Just Shield Against Covid Can Also Reduce Deaths Dr Devi Shetty of Narayana Healthर पड़ेगा क्योंकि उन्हें वैक्सीन नहीं लगी है. हर भारतीय को सोचना चाहिए कि कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है, क्योंकि अगर आप ऐसा सोचेंगे नहीं तो आप उससे बचाव के उपाय नहीं करेंगे. वैसे तो भगवान करे कि तीसरी लहर नहीं आए.  समय का इंतजार करना जरूरी है.

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