वैक्सीनेशन से कोविड-19 मुक्त भारत के प्रयासों को मिल रही मजबूती: PMO

शोधकर्ताओं ने गंभीर मरीजों और अलाक्षणिक (Asymptomatic) मरीजों के खून के नमूनों को विस्तार से अध्ययन किया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शोधकर्ताओं ने गंभीर मरीजों और अलाक्षणिक (Asymptomatic) मरीजों के खून के नमूनों को विस्तार से अध्ययन किया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पीएमओ (PMO) की ओर से जारी एक ट्वीट में कहा गया, ‘स्वस्थ और कोविड-19 मुक्त भारत (Covid-19 Free India) सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूत किया जा रहा है.’

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने अमेरिका (USA) और चीन (China) के मुकाबले कम दिनों में देश में दी गई कोविड-19 टीके की 10 करोड़ खुराकों का उल्लेख करते हुए शनिवार को कहा कि सरकार एक स्वस्थ और कोविड-19 मुक्त भारत सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूत कर रही है. पीएमओ की ओर से जारी एक ट्वीट में कहा गया, ‘स्वस्थ और कोविड-19 मुक्त भारत सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूत किया जा रहा है.’

इस ट्वीट के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से टीकाकरण अभियान को लेकर जारी आंकड़ों को ब्योरा भी साझा किया, जिसके मुताबिक भारत में 85 दिनों में कोविड-19 टीके की 10 करोड़ खुराक दी गई. अमेरिका में टीके की 10 करोड़ खुराक देने में 89 दिन लगे जबकि चीन में इस कार्य में 102 दिन लगे थे. सरकार का दावा है कि वैश्विक स्तर पर दी जा रही टीके की खुराक के मामले में भारत शीर्ष पर बना हुआ है. देश में प्रतिदिन औसतन 38,93,288 टीके लगाए जा रहे हैं.

16 जनवरी को दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू किया गया था

बता दें भारत में बीती 16 जनवरी को दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू किया गया था. शुरुआत में सिर्फ हेल्थकेयर वर्कर्स का ही वैक्सीनेशन किया जा रहा था. फिर बाद में इसमें फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी जोड़ा गया.


1 मार्च से देश में 65 वर्ष के ऊपर के सभी लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है. फिर 1 अप्रैल से नए नियमों के मुताबिक 45 वर्ष से अधिक का कोई भी व्यक्ति टीकाकरण करवा सकता है. कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सरकार लगातार वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ा रही है. देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन के जरिए वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
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