वैक्सीन के साप्ताहिक आंकड़ों में गिरावट, मार्च के बाद पहली बार संख्या एक करोड़ के नीचे

टाउते तूफान ने भी गुजरात और महाराष्ट्र में वैक्सीन प्रोग्राम को खासा प्रभावित किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर-PTI)

टाउते तूफान ने भी गुजरात और महाराष्ट्र में वैक्सीन प्रोग्राम को खासा प्रभावित किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर-PTI)

Vaccine Crisis: 15 से 21 मई के बीच दिए गए 93 लाख डोज में करीब आधे 18-44 आयुवर्ग को दिए गए हैं. इस समूह के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों से टीके की खरीदी करने के लिए कहा है. बढ़ती मांग के बावजूद युवाओं के लिए वैक्सीन की उपलब्धता में कमी बनी हुई है.

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नई दिल्ली. भारत में जारी टीकाकरण कार्यक्रम के साप्ताहिक आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है. 15 से 21 मई के बीच 93 लाख डोज दिए गए हैं. मार्च की शुरुआत के बाद यह पहली बार है जब साप्ताहिक टीकाकरण 1 करोड़ के नीचे रहा. खास बात ये है कि देश के कई हिस्सों में वैक्सीन सप्लाई (Vaccine Crisis) में कमी की खबरें आ रही हैं. वहीं, 1 मई के बाद 18-44 आयुवर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाने के फैसले के बाद टीके की मांग में तेजी भी आई है.

3 से 9 अप्रैल के बीच हुए टीकाकरण में आकंड़ा 2.47 करोड़ पर पहुंच गया था. बीते हफ्ते से इन आंकड़ों की तुलना करें, तो वैक्सिनेशन में 60 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट हुई है. साथ ही 15 से 21 मई के बीच दिए गए 93 लाख डोज में करीब आधे 18-44 आयुवर्ग को दिए गए हैं. इस समूह के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों से टीके की खरीदी करने के लिए कहा है. बढ़ती मांग के बावजूद युवाओं के लिए वैक्सीन की उपलब्धता में कमी बनी हुई है.

कहा जा रहा है कि टाउते तूफान ने भी गुजरात और महाराष्ट्र में वैक्सीन प्रोग्राम को खासा प्रभावित किया है. 8 से 14 मई के बीच 67 लाख दूसरे डोज लगाए गए थे. वहीं, बीते हफ्ते के कुल आंकड़े इससे केवल 16 लाख यानि 18 प्रतिशत ज्यादा हैं. ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं, जब सरकार ने कोविशील्ड के दो डोज के बीच अंतराल को 12-16 हफ्ते कर दिया है.

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जून से आ सकता है स्थिति में सुधार

सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि एक्टिव केस की गिरती संख्या और सप्लाई में इजाफा होने के चलते जून से आंकड़ों में सुधार आ सकता है. न्यूज18 से बातचीत में एक अधिकारी ने बताया, 'हम उम्मीद कर रहे हैं कि 31 जुलाई तक अगले 70 दिनों में दो वैक्सीन निर्माताओं की तरफ से केंद्र और राज्यों को 30 करोड़ वैक्सीन डोज की आपूर्ति की जाएगी. इसका मतलब यह है कि जुलाई तक हर रोज 40 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने की क्षमता होगी.'




हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि इन 30 करोड़ वैक्सीन में से 18-44 आयुवर्ग के लोगों के लिए राज्यों तक कितनी वैक्सीन पहुंचेगी. अनुमानों के अनुसार, इसके सभी आपूर्तियों के लगभग 35 प्रतिशत से अधिक होने की उम्मीद नहीं है. केंद्र ने अब तक कहा है कि राज्यों को निर्माताओं से जून के अंत तक 18-44 आयुवर्ग के लिए 4.9 करोड़ वैक्सीन डोज मिलेंगे. जबकि, 15 जून तक 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए केंद्र के पास करीब 5.5 करोड़ डोज पहुंचेंगे.

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