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वैक्सीन डिप्लोमेसी: पड़ोसी देशों को मुफ्त में वैक्सीन दे रहा है भारत, जानें क्यों!

भारत से भेजी गई वैक्सीन की पहली खेप मालदीव पहुंची (Photo- Twitter/S Jaishankar)
भारत से भेजी गई वैक्सीन की पहली खेप मालदीव पहुंची (Photo- Twitter/S Jaishankar)

Cornavirus Vaccine: भारत ने सहायता अनुदान के तहत भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करने की घोषणा की है. भारत के इस कदम का मकसद मानवीयता के साथ साथ कूटनीतिक संबंध भी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2021, 7:15 PM IST
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नई दिल्ली. भारत ने कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) गिफ्ट के तौर पर 6 पड़ोसी देशों को भेज दी है. आने वाले दिनों में भी भारत घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए साझेदार देशों को कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति करता रहेगा. चीन और पाकिस्तान (China & Pakistan) से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच अपने पड़ोसी देशों को भारत की वैक्सीन सप्लाई का मकसद मानवीय के साथ-साथ कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करना भी है.

भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशेल्स को तोहफे के तौर पर भारत ने वैक्सीन भेज दी है. वैक्सीन की सप्लाई से पहले प्रशासनिक और ऑपरेशनल पहलू को ध्यान में रखते हुए इन देशों के लोगों को ट्रेनिंग भी दी गई. भारत की वैक्सीन हासिल करने वाले देशों में भूटान पहला है जिसे कोविशील्ड की एक लाख 50 हजार वैक्सीन मुहैया कराई गई हैं. जबकि मालदीव को 1 लाख वैक्सीन भेजी गई हैं. वहीं नेपाल को 10 लाख और बांग्लादेश को 20 लाख वैक्सीन भेजी गई हैं. श्रीलंका, अफगानिस्तान और मॉरीशस में वैक्सीन सप्लाई को लेकर भारत को इन देशों की मंजूरी का इंतजार है.

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कोरोना काल में भी पड़ोसियों की मदद के लिए आगे था भारत
भारत ने कोरोना काल के दौरान भी पड़ोसी देशों को तोहफे के तौर पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन, रेमेडेसीवरऔर पैरासिटामोल टैबलेट के अलावा मेडिकल उपकरण भी मुहैया कराए थे. ऐसे में कोरोना के खिलाफ अंतिम लड़ाई में पड़ोसी देशों को फ्री वैक्सीन की सप्लाई, भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगी.

लेकिन गौर करनेवाली बात है कि पाकिस्तान की तरफ से अभी तक वैक्सीन का अनुरोध नहीं किया गया है और उसने चीन की वैक्सीन को आयात के लिए मंजूरी दी है. हालांकि पाकिस्तान की नजर भी भारतीय वैक्सीन पर है. क्योंकि भारत की वैक्सीन दूसरे देशों के मुकाबले कम कीमत पर उपलब्ध होगी.
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