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वैक्सीन 50% असरदार तो भी कोरोना को कंट्रोल करने में मिलेगी सफलता: साइंटिस्ट

सांकेतिक फोटो
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Coronavirus Vaccine: CEPI (कोपरेड फॉर एपिडेमिक रेडीनेस इनोवेशन) की वाइस चेयरपर्सन डॉ. गंगदीप कांग ने टीके के असर के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि वैक्सीन के असर को 50% का मानक देना उचित है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 5, 2020, 2:14 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश के हर व्यक्ति को कोरोना की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine In India) लगाए जाने की जरूरत नहीं है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि पूरे देश की आबादी को कोविड-19 का टीका लगाने के बारे में कभी कोई बातचीत नहीं हुई. उन्होंने कहा, ' मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार ने पूरे देश की आबादी के टीकाकरण के बारे में कभी नहीं कहा.' इस मुद्दे पर प्रमुख चिकित्सा वैज्ञानिक डॉ.गंगदीप कांग ने गुरुवार को कहा कि अभी यह तय नहीं है कि क्या पहले से ही संक्रमित लोगों को टीका लगाया जाएगा और जो प्राथमिकता सूची में नहीं हैं उन्हें टीका लगाया जाएगा या नहीं.

News18 के साथ बातचीत में CEPI (कोपरेड फॉर एपिडेमिक रेडीनेस इनोवेशन) की वाइस चेयरपर्सन डॉ. कांग ने टीके के असर के बारे में भी बताया. WHO की COVID-19 वैक्सीन के लिए 50% असर की सीमा पर, उन्होंने समझाया, ' अगर एक वैक्सीन 50% असर कर रहा है तो इससे महामारी को नियंत्रित करने के मामले में महत्वपूर्ण फायदा होगा.'





अभी हम जो सुन रहे हैं वो हाई लेवल मैसेजिंग- कांग
CNN-News18 पत्रकार स्नेहा मोर्दानी और श्रेया ढौंढ़ियाल ने डॉ. कांग से बात की. यह पूछे जाने पर कि सरकार ने पहले कहा था कि सभी को टीका लगाया जाएगा. अब वे कह रहे हैं कि सभी को टीका लगाने की जरूरत नहीं है. उसका क्या मतलब है? कांग ने कहा कि अभी हम जो सुन रहे हैं वो हाई लेवल मैसेजिंग है. यह समझना जरूरी है कि अगर हम देश में हर किसी को वैक्सीनेट करें तो इसमें कम समय नहीं लगेगा. हो सकता है कि सरकार उस आबादी के हिसाब से प्राथमिकता दे रही हो जिसकी उसे सबसे ज्यादा जरूरत है.

डॉ. कांग ने कहा, 'फिलहाल, हमारे पास एक भी लाइसेंस्ड वैक्सीन नहीं है और हमें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि वैक्सीनेसन कब से शुरू होंगे. हमारे पास अनुमान हैं. हमारे पास सप्लाई और डिमांड्स की कैलकुलेशन है. लेकिन वैक्सीन जरूरत मंद के लिए ज्यादा जरूरी है. आने वाले दिनों में हमें सरकार से और भी बहुत कुछ सुनने को मिल सकता है.'

50% वैक्सीन के असर का क्या है मतलब?
डॉ. कांग ने कहा, 'जो लोग प्राथमिकता सूची में नहीं आते हैं, उनके लिए आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ होगी. CEPI के अनुमान के अनुसार हम इसके लिए आशावादी हैं. लेकिन अगर आप प्राथमिकता सूची में नहीं हैं तो भारत में या कुछ अन्य देशों में उम्मीद है कि आपको साल 2021 के अंत तक वैक्सीन मिल जाएगी. हो सकता है कि वैक्सीनेसन साल 2022 में भी हो.'

यह पूछे जाने पर कि कोई भी टीका 100% असरदार नहीं है, लेकिन WHO द्वारा 50% की सीमा तय की गई है. कई लोगों के सवाल हैं कि क्या वैक्सीन लगवाने का कोई लाभ भी है?, कांग ने कहा-  'अगर कोई वैक्सीन 50% असरदार है तो भी इससे महामारी को नियंत्रित करने में सफलता मिलेगी. WHO ने वैक्सीन को स्वीकार्यता देने के लिए 50 फीसदी का मानक बनाया है. यूएसएफडीए ने ऐसा ही किया और मुझे लगता है कि वैक्सीन के असर को 50% का मानक देना उचित है क्योंकि इससे सांस के संक्रमण को नियंत्रित किया जाएगा. कई वैक्सीन्स काम नहीं करती हैं फिर भी हम उनका इस्तेमाल करते हैं.'
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