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इन 5 राज्यों में जमकर बर्बाद हो रही वैक्सीन, ट्रेनिंग और प्लानिंग न होना बड़ी वजह

क्सीन वेस्टेज का दूसरा बड़ा कारण है, वैक्सीन साइट पर प्लानिंग की कमी होना.  ( सांकेतिक तस्वीर-pixabay)

क्सीन वेस्टेज का दूसरा बड़ा कारण है, वैक्सीन साइट पर प्लानिंग की कमी होना. ( सांकेतिक तस्वीर-pixabay)

Vaccination in India: सरकारी डेटा के अनुसार, चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय स्तर 6.5 से ज्यादा वेस्टेज मिला है. तेलंगाना में यह आंकड़ा 17.6, आंध्र प्रदेश में 11.6, उत्तर प्रदेश में 9.4, कर्नाटक में 6.9 और जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में 6.6 फीसदी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 8:37 AM IST
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नई दिल्ली. वैक्सीन प्रक्रिया (Covid-19 Vaccine) की निगरानी कर रहे अधिकारियों ने पाया है कि कई राज्यों में वैक्सीन वेस्टेज (Vaccine Wastage) यानि बर्बादी का स्तर काफी ज्यादा है. अधिकारियों को पता लगा है कि ये हालात टीका लगाने वालों की सही ट्रेनिंग न होना और केंद्र पर बगैर प्लानिंग के काम करने की वजह से तैयार हुए हैं. वैक्सीन वेस्टेज के मामले में तेलंगाना सबसे आगे है. देश में बीती 16 जनवरी से वैक्सीन प्रोग्राम शुरू हो चुका है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ राज्यों में वेस्टेज का स्तर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है. सरकारी डेटा के अनुसार, चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय स्तर 6.5 से ज्यादा वेस्टेज मिला है. तेलंगाना में यह आंकड़ा 17.6, आंध्र प्रदेश में 11.6, उत्तर प्रदेश में 9.4, कर्नाटक में 6.9 और जम्मू-कश्मीर में 6.6 फीसदी है. इससे पहले भी कुछ राज्यों में वैक्सीन के बर्बाद होने की खबरें आईं थीं.

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है 'अगल वायल में 10 लोगों के लिए डोज होता है और केवल 6 लोग वहां पहुंचते हैं, तो बाकी बचा हुआ बर्बाद हो जाता है. लेकिन वैक्सीन की बर्बादी केवल इसलिए नहीं हो रही, क्योंकि लोग नहीं पहुंच रहे और वायल खुला हुआ है.' उन्होंने बताया 'ऐसे समय में भी, जहां पर्याप्त लोग मौजूद हैं और अगर टीका लगाने वाले ठीक तरह से ट्रैन्ड नहीं हैं, तो वे 10 में से केवल 9 डोज ही निकाल पाते हैं.'



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इसके अलावा वैक्सीन वेस्टेज का दूसरा बड़ा कारण है, वैक्सीन साइट पर प्लानिंग की कमी होना. सूत्रों ने बताया कि वे लगातार राज्य में लोगों से आने और अगर 10 लाभार्थी नहीं पहुंच रहे हैं, तो वायल न खोलने की सलाह दे रहे हैं. उन्होंने बताया 'जब भारत ने जनवरी में वैक्सीन प्रक्रिया शुरू की थी, तो शुरुआती दो हफ्तों में वैक्सीन वेस्टेज का राष्ट्रीय स्तर 18-19 फीसदी के आसपास था.'

हालांकि, वैक्सीन वेस्टेज के मामले में कुछ राज्यों ने हालात बेहतर हैं. राजस्थान में 5.6 प्रतिशत, असम में 5.5 प्रतिशत, गुजरात में 5.3 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 4.8 फीसदी, बिहार में 4 फीसदी और तमिलनाडु में 3.7 वैक्सीन वेस्टेज के आंकड़े कम हैं. बीते बुधवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को वेस्टेज का कारण पता करने के लिए जांच के आदेश दिए थे.
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