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vadodara disabled woman kicked off liquor business and set up food stall for a better life

एक हादसे के बाद मजबूरी में शराब के धंधे में उतरी, अब बेटियों की नसीहत ने बदल दी जिंदगी

महिला ने शराब के धंधे को लात मारकर लगाया फूड स्टॉल (सांकेतिक तस्वीर)

महिला ने शराब के धंधे को लात मारकर लगाया फूड स्टॉल (सांकेतिक तस्वीर)

वड़ोदरा की एक विकलांग महिला शोभा गोरखा ने अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए शराब के अवैध धंधे को अलविदा बोलकर एक फूड स्टॉल लगाकर नई शुरुआत करने का फैसला किया है.

वड़ोदरा. कुछ महीने पहले तक शोभा गोरखा एक अवैध शराब बेचने वाली महिला के रूप में जीवन यापन करती थी. उसे हर वक्त इसका डर रहता था कि पुलिस उसके घर पर छापा मारने के लिए पहुंच सकती है. इस बार रविवार को भी दो महिला पुलिसकर्मी उससे मिलने उसके घर पहुंचीं. लेकिन इस बार वह खुशी से झूम रही थी. इस चौड़ी मुस्कान के पीछे का कारण शोभा का अपना व्यवसाय बदलना और सामान्य जीवन को अपनाने का फैसला था. शोभा ने शराब को बेचने के अवैध धंधे को छोड़कर सयाजीगंज में अपना खुद का फूड स्टॉल शुरू किया. शोभा ने मीडिया को जनवरी में ही शराब का अवैध धंधा छोड़ने और अपनी दो बेटियों के सपनों को पूरा करने के लिए एक सामान्य जीवन जीने के फैसले के बारे में बताया था.

अपने फैसले से साफतौर पर खुश दिख रही शोभा ने कहा कि ‘जब पुलिस ने मेरी सराहना की और सम्मान के साथ बात की, तो मैं बहुत उत्साहित हो गई थी. मुझे एहसास हुआ कि कानून का पालन करने वाले नागरिक का जीवन जीना कितना जरूरी है. मैं अब कभी भी शराब के अवैध धंधे में वापस नहीं जाऊंगी.’ शोभा के बारे में खबर को पढ़ने के बाद बक्सी एजुकेशन ट्रस्ट, शोभा और उनकी बेटियों की मदद करने के लिए आगे आया. उन्होंने कुछ पैसा जुटाया और शोभा को अन्य सामान के साथ एक फूड-स्टॉल उपहार में दिया. शारीरिक रूप से विकलांग शोभा ने मीडिया को बताया कि ‘अभी दो महीने पहले मैं इस बात से पूरी तरह अनजान थी कि मैं अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए कैसे खर्च का बंदोबस्त करूंगी. लेकिन ट्रस्ट के साथ-साथ एसएचई टीम पुलिस विभाग के सहयोग ने मेरे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है.’

इस महिला ने 2009 में अपने दोनों पैर खो दिए. वह जिस बस में यात्रा कर रही थीं, वह उत्तर प्रदेश में दुर्घटना का शिकार हो गई थी. हादसे में उनकी तीन साल की बेटी डिंकल का पैर भी क्षतिग्रस्त हो गया. अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए शोभा ने अवैध शराब बिक्री का सहारा लिया और जल्द ही अपने इलाके में बदनाम हो गई. लेकिन उनकी बेटियां-डिंकल और खुशी लगातार इस बात पर जोर देती रहीं कि वह अवैध शराब के कारोबार को छोड़ दे.

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बक्सी एजुकेशन ट्रस्ट के मनीष बक्सी ने कहा कि ‘किक बॉक्सिंग में खुशी और डिंकल की उपलब्धियों पर एक खबर पढ़ने के बाद हमने इस परिवार को सहयोग देने का फैसला किया. हमारे ट्रस्ट ने केवल शोभा को फूड-स्टॉल दान नहीं किया है. हमने डिंकल को एक बॉक्सिंग किट दान की है और अगले तीन वर्षों के लिए उनकी शिक्षा का खर्च भी वहन करेंगे.’ जबकि वड़ोदरा के पुलिस आयुक्त शमशेर सिंह ने कहा कि ‘पुलिस विभाग हमेशा उन लोगों का समर्थन करता है जो आपराधिक गतिविधियों को छोड़ना चाहते हैं. हमारी एसएचई टीम ने कई महिलाओं को शराब का अवैध धंधा छोड़ने और अपने परिवार की मदद करने के लिए नौकरी करने में मदद की है.’

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