• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • गुजरातः HC के आदेश पर अस्पताल ने एकत्र किया मरीज का स्पर्म, कुछ ही घंटों बाद हुई मौत

गुजरातः HC के आदेश पर अस्पताल ने एकत्र किया मरीज का स्पर्म, कुछ ही घंटों बाद हुई मौत

मरीज की पत्नी और उनके माता-पिता ने हाईकोर्ट में IVF प्रक्रिया के लिए ART की मंजूरी मांगी थी. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

मरीज की पत्नी और उनके माता-पिता ने हाईकोर्ट में IVF प्रक्रिया के लिए ART की मंजूरी मांगी थी. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

Vadodara IVF Case: व्यक्ति की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए कोर्ट ने अस्पताल को स्पर्म संरक्षित करने के निर्देश दिए थे. 23 जुलाई को होने वाली सुनवाई के दौरान कोर्ट तय करेगा कि पत्नी को बच्चा पैदा करने के लिए ART प्रक्रिया की अनुमति दी जाए या नहीं.

  • Share this:
    वडोदरा. गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) के आदेश के बाद वडोदरा के निजी अस्पताल में कोविड-19 (Covid-19) शिकार एक गंभीर मरीज का स्पर्म एकत्र किया गया था. अब खबर है कि इसके कुछ ही घंटों बाद शख्स की मौत हो गई. मृतक की पत्नी ने अदालत में याचिका दायर कर असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) के जरिए मां बनने की इच्छा जताई थी. इसके बाद कोर्ट ने अस्पताल को मरीज का स्पर्म एकत्र कर संरक्षित करने का आदेश दिया था.

    अस्पताल प्रशासन ने बताया कि एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेंब्रेन ऑक्सीजनेशन (ECMO) पर इलाज करा रहे मरीज की गुरुवार को मौत हो गई. उन्हें 10 मई को कोविड-19 से संबंधित परेशानियों के चलते वडोदरा के स्टर्लिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मृतक तीन महीने पहले कोविड का शिकार होने के बाद बाइलेटरल निमोनिया से जूझ रहा था. हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अस्पताल ने बुधवार को टेस्टिक्युलर स्पर्म एक्स्ट्रेक्शन मेथड के जरिए मरीज का स्पर्म इकट्ठा किया था और शहर की IVF लैब में संरक्षित किया था.

    यह भी पढ़ें: दिल्ली दंगाःआरोपी नरवाल को पीएचडी के लिए मिली अस्थायी पंजीकरण की इजाजत

    क्या था मामला
    मरीज की पत्नी और उनके माता-पिता ने हाईकोर्ट में IVF प्रक्रिया के लिए ART की मंजूरी मांगी थी. उनके वकील नीलाय पटेल ने मंगलवार को मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी. पटेल ने अदालत को जानकारी दी कि वडोदरा में निजी अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर ने परिवार को बताया है कि वह 'शायद 24 घंटों से ज्यादा जिंदा नहीं रह पाएगा.' इसके बाद दोपहर को महिला ने अपने वकील को फोन कर बताया कि इससे पहले कि स्पर्म एकत्र करना असंभव हो जाए, उनके पास 'ज्यादा से ज्यादा तीन घंटे हैं.'



    याचिकाकर्ता का कहना है कि मरीज बेहोश है और ऐसे में स्पर्म डोनर की लिखित इजाजत नहीं होने के चलते अस्पताल की तरफ से IVF प्रक्रिया के लिए मना करना उनके अधिकारों का हनन है. व्यक्ति की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए कोर्ट ने अस्पताल को स्पर्म संरक्षित करने के निर्देश दिए थे. 23 जुलाई को होने वाली सुनवाई के दौरान कोर्ट तय करेगा कि पत्नी को बच्चे के लिए ART प्रक्रिया की अनुमति दी जाए या नहीं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज