जेल में खराब हो रही वरवरा राव की हालत, बिस्तर ने उठने की हालत में नहीं; परिवार ने की रिहाई की मांग

80 साल के वरवरा राव 2018 से जेल में बंद हैं.  (File Photo)
80 साल के वरवरा राव 2018 से जेल में बंद हैं. (File Photo)

Bhima Koregaon: 80 साल के वरवरा राव को जनवरी 2018 में गिरफ्तार किया गया था. उन पर कड़ा आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप लगाया गया था, जो वर्षों तक ट्रायल के बिना हिरासत में रखने की अनुमति देता है.

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  • Last Updated: November 12, 2020, 6:34 PM IST
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मुंबई. भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले (Bhima Koregaon Violence Case) में पिछले दो साल से जेल में बंद आरोपी कवि और सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव (Varvara Rao) के परिवार ने बताया कि उनका स्वास्थ बेहद खराब है. राव के परिवार ने बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay Higcourt) में उनकी जमानत के लिए दायर की गई याचिका की सुनवाई के दौरान बताया कि उनकी जल्द से जल्द रिहाई जरूरी है क्योंकि उनकी हालत ठीक नहीं है. राव के परिवार की वकील इंदिरा जयसिंग ने हाईकोर्ट में बहस के दौरान कहा, "उनकी सेहत लगातार गिर रही है. वह बिस्तर पर हैं, उन्हें डायपर पहनाने की जरूरत पड़ती है. वह बिस्तर पर ही पेशाब कर देते हैं. उन्हें पेशाब की थैली लगाई गई है. क्या ऐसा व्यक्ति न्याय से भाग सकता है."

80 साल के वरवरा राव को जनवरी 2018 में गिरफ्तार किया गया था. उन पर कड़ा आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप लगाया गया था, जो वर्षों तक ट्रायल के बिना हिरासत में रखने की अनुमति देता है. उनके परिवार ने अपनी याचिका में कहा है कि उनके हालत दिन ब दिन खराब हो रही है जो कि जीवन के अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देने वाले संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है. जेल में वह कोरोना वायरस से संक्रमित भी हो चुके हैं.

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जयसिंग ने कहा कि राव मुंबई के पास तलोजा जेल में बंद हैं. उनके सह-अभियुक्त, स्टेन स्वामी ने वकीलों को बुलाया और उन्हें सूचित किया था कि राव गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं.
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अस्पताल में इलाज की सुविधा नहीं
जयसिंग ने अदालत से कहा, "मैं वरवरा राव को तत्काल अंतरिम राहत के लिए तलोजा जेल से नानावती अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए की मांग कर रही हूं. मैं जो राहत चाहती हूं, वह यह है कि उन्हें स्वतंत्रता दी जाए क्योंकि उनके अधिकारों का हनन हो रहा है."



उन्होंने कहा कि तलोजा जेल में सुपर स्पेशियेलिटी अस्पताल जैसा बुनियादी ढांचा नहीं है जहां पर वरवरा राव जैसी स्थिति वाले व्यक्ति का इलाज किया जा सके. जयसिंग ने कहा कि उन्हें अपने परिवार के साथ रहने की जरूरत है. उन्होंने अदालत से कहा कि इस हालत में वह ट्रायल का सामना ही नहीं कर सकते हैं.
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