राजस्थान में राजनीतिक संकट के बीच सक्रिय हुईं वसुंधरा, नड्डा के बाद राजनाथ सिंह से मिलीं

राजस्थान में राजनीतिक संकट के बीच सक्रिय हुईं वसुंधरा, नड्डा के बाद राजनाथ सिंह से मिलीं
हालांकि इन मुलाकातों के दौरान वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) की पार्टी नेताओं (party leaders) से क्या चर्चा हुई, इस पर आधिकारिक रूप से कोई सूचना (official information) नही दी गई है.

हालांकि इन मुलाकातों के दौरान वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) की पार्टी नेताओं (party leaders) से क्या चर्चा हुई, इस पर आधिकारिक रूप से कोई सूचना (official information) नही दी गई है.

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  • Last Updated: August 9, 2020, 5:55 AM IST
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नई दिल्ली. राजस्थान (Rajasthan) में चल रहे सियासी संकट के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) ने शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) से मुलाकात की. समझा जाता है कि दोनों नेताओं के बीच राजस्थान के राजनीतिक हालात (Political Situation) पर चर्चा हुई. राजे पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में हैं. उन्होंने शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा (BJP president JP Nadda) और पार्टी के संगठन महासचिव बी एल संतोष से भी मुलाकात की थी.

हालांकि इन मुलाकातों के दौरान वसुंधरा की पार्टी नेताओं (party leaders) से क्या चर्चा हुई, इस पर आधिकारिक रूप से कोई सूचना (official information) नही दी गई है. वसुंधरा (Vasundhara) की ये मुलाकातें इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती हैं क्योंकि पिछले महीने से शुरू हुए राजनीतिक संकट (political crisis) के दौरान वह जयपुर में हुई भाजपा की बैठकों (BJP Meetings) से अलग रही हैं और उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे रखी.





सचिन पायलट सहित कुछ कांग्रेसी विधायकों के चलते पिछले कुछ हफ्तों से उठापटक
गौरतलब है कि पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और कांग्रेस के कुछ अन्य विधायकों के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बागी रुख अपनाने के कारण राजस्थान में पिछले कुछ हफ्तों से राजनीतिक उठापटक चल रही है. कांग्रेस आलाकमान ने पायलट को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री पदों से हटा दिया था.

BJP का एक वर्ग गहलोत सरकार को गिराना चाहता है लेकिन वसुंधरा इसके पक्ष में नहीं
राजस्थान विधानसभा का सत्र 14 अगस्त से आरंभ हो रहा है. संभावना है कि गहलोत इस दौरान विश्वास मत का प्रस्ताव ला सकते हैं. जानकारों का मानना है कि गहलोत के पास संख्याबल है और वे बहुमत साबित करने को लेकर आश्वस्त हैं.

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भाजपा का एक वर्ग कांग्रेस के बागी विधायकों के समर्थन से गहलोत सरकार को गिराना चाहता है लेकिन सूत्रों की मानें तो वसुंधरा इसके पक्ष में नहीं हैं
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