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क्या वेजेटेरियन डाइट कैंसर नहीं होने देती, रिसर्च में आए चौंकाने वाले नतीजे

कम मीट खाने वालों में ज्यादा मीट खाने वालों की तुलना में आंत के कैंसर का खतरा 9 प्रतिशत तक कम हो जाता है.

कम मीट खाने वालों में ज्यादा मीट खाने वालों की तुलना में आंत के कैंसर का खतरा 9 प्रतिशत तक कम हो जाता है.

Vegetarian diet and cancer risk: शाकाहारी भोजन (Vegetarian food) क्या कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है. एक रिसर्च में इस बात का दावा किया गया है कि वेजिटेरियन डाइट कैंसर के जोखिम को 14 प्रतिशत तक कर देती है. पहले की रिसर्च में भी इस बात को साबित किया गया है कि वेजिटेरियन डाइट या शाकाहारी खाना खून में गुड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है. एफएसएसएआई यानी (Food Safety and Standards Authority of India-FSSAI) के मुताबिक शाकाहारी आहार कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है. यह स्ट्रोक और मोटापे के खतरे से बचाता है. इसके अलावा यह डाइबिटीज के जोखिम को भी घटाता है.

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नई दिल्ली. लंबे समय से इस बात को लेकर बहस होती रही है कि वेज खाना (Vegetarian diet) स्वास्थ्य के लिए ज्यादा लाभदायक (Healthy) है. यहां तक कि कोरोना काल (corona period) में भी कहा जा रहा है कि जो लोग नॉन वेजेटेरियन (non-vegetarian) हैं, उन्हें कोरोना का जोखिम ज्यादा है. हालांकि इसकी क्या सत्यता है इसपर जानकारी नहीं है लेकिन यह जानना जरूरी है कि क्या वाकई वेजेटेरियन भोजन हेल्थ के लिए नायाब चीज है. इस मुद्दे को लेकर बहुत पहले से मंथन हो रहा है. वैज्ञानिक जगत में भी कई रिसर्च हुई हैं. इन रिसर्च का लब्बोलुआब यह है कि वेजेटेरियन भोजन कई मायनों में नॉन वेजेटेरियन से अच्छा होता है. पर क्या वेजिटेरियन खाना खतरनाक बीमारियों से भी बचा सकता है. इस सवाल को लेकर हाल ही में एक रिसर्च बीएमसी मेडिसीन (BMC Medicine) में प्रकाशित हुआ जिसमें कैंसर के जोखिम को कम करने का प्रमाण मिला है.

पहले की रिसर्च में भी इस बात को साबित किया गया है कि वेजिटेरियन डाइट या शाकाहारी खाना खून में गुड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है. एफएसएसएआई यानी (Food Safety and Standards Authority of India-FSSAI) के मुताबिक शाकाहारी आहार कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है. यह स्ट्रोक और मोटापे के खतरे से बचाता है. इसके अलावा यह डाइबिटीज के जोखिम को भी घटाता है. इसमें फाइबर पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है. साथ ही यह कार्बन फूटप्रिंट (यानी इससे कार्बन उत्सर्जन) को भी कम करता है.

कई ग्रुप बनाकर किया गया अध्यन
इस अध्ययन में ब्रिटेन बायोबैंक के डाटा से 4.5 लाख लोगों के स्वास्थ्य और खान पान संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया. इन लोगों को पहले कई समूहों में बांट गया. जैसे कि जो लोग सप्ताह में पांच दिन प्रोसेस्ट मीट या पॉल्ट्री मीट खाते हैं, उन्हें एक ग्रुप में रखा गया. उसी तरह जो सप्ताह में पांच दिन से कम इन चीजों को खाते हैं, उन्हें एक ग्रुप में रखा गया. इसके अलावा जो सिर्फ मछली खाते थे, उन्हें एक ग्रुप में और जो न मछली खाते थे और न ही मीट खाते थे, उन्हें एक ग्रुप में रखा गया.

14 फीसदी तक कैंसर का खतरा कम

अध्ययन के निष्कर्षों में पाया गया कि नियमित रूप से सप्ताह में पांच दिन मीट खाने वाले लोगों की तुलना में जो लोग कम मीट खाते हैं, उनमें कैंसर का जोखिम ज्यादा खाने वालों की तुलना में 2 प्रतिशत तक कम हो जाता है जबकि मछली खाने वालों में 10 प्रतिशत और शाकाहारी भोजन करने वालों में 14 प्रतिशत तक कैंसर का जोखिम कम हो जाता है. वहीं अगर स्पेसफिक कैंसर की बात करें तो कम मीट खाने वालों में ज्यादा मीट खाने वालों की तुलना में आंत के कैंसर का खतरा 9 प्रतिशत तक कम हो जाता है.

महिलाओं को विशेष फायदा
इसके अलावा महिलाओं को वेजिटेरियन भोजन से खास फायदा होता है. रिसर्च के निष्कर्षों में यह बात साबित हुई कि जो महिलाएं शाकाहारी होती हैं, उनमें रजोनिवृति के बाद ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा नियमित रूप से मीट खाने वाली महिलाओं के मुकाबले 18 प्रतिशत तक कम रहता है. इतना ही नहीं जो महिलाएं शाकाहारी होती हैं, उनका बॉडी मास इंडेक्स बहुत कम हो जाता है जो कई बीमारियों से बचाता है. अध्ययन में यह भी पाया गया कि जो पुरुष मछली खाते हैं या जो शाकाहारी हैं, उनमें नियमित रूप से मीट खाने वाले लोगों की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर कम होता है.

Tags: Cancer, Health

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