यूपी वाले ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने के बाद चालान भी नहीं भरते

पश्चिम बंगाल के लोग चालान नहीं भरने में सबसे आगे. इस मामले में दिल्ली तीसरे तो राजस्थान चौथे नंबर पर है. झारखंड के लोग जुर्माना भरने के मामले में सबसे आगे हैं.

News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 9:19 PM IST
यूपी वाले ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने के बाद चालान भी नहीं भरते
चालान जमा नहीं कराने वालों में दिल्ली तीसरे तो राजस्थान चौथे नंबर पर है.
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Updated: July 18, 2019, 9:19 PM IST
उत्तर प्रदेश के लोग ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने के बाद चालान भी नहीं भरते हैं. हालांकि, इस मामले में पश्चिम बंगाल के लोग यूपी वालों से भी आगे हैं. पश्चिम बंगाल के 54,27,639 लोगों ने चालान नहीं भरा, जबकि यूपी के 5,84,630 वाहन चालकों ने ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद चालान नहीं भरा. चालान जमा नहीं कराने वालों में दिल्ली के ड्राइवर तीसरे तो राजस्थान के चौथे नंबर पर है. दिल्ली के 5,52,157 और राजस्थान के 2,51,658 लोगों ने चालान नहीं भरा. वहीं, झारखंड के वाहन चालक जुर्माना भरने के मामले में सबसे आगे हैं.

एक साल के भीतर देश भर में हुए 8 करोड़ चालान 

देश भर में एक साल में 8 करोड़ चालान हुए हैं. इनमें 83 लाख से अधिक लोगों ने चालान नहीं भरे हैं, जिससे ये मामले कोर्ट पहुंच गए हैं. सड़क परिवहन मंत्रालय कोर्ट पहुंचने वाले मामलों के चालान घर बैठे जमा कराने के लिए वाहन सॉफ्टवेयर अपडेट करा रहा है, ताकि लोग ई-चालान जमा करा सकेंगे. इसके लिए निचली अदालतों के सॉफ्टवेयर भी अपडेट किए जा रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि इस साल के अंत तक घर बैठे चालान भरने की सुविधा शुरू हो जाएगी.

नियम तोड़ने वाले 90 फीसदी लोग भर देते हैं जुर्माना 

ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद 90 फीसदी लोग जुर्माना भर देते हैं, लेकिन 10 फीसदी किन्हीं कारणों से जुर्माना नहीं भरते हैं. ये जुर्माना राशि 100 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक होती है. इनमें 80 फीसदी ऐसे मामले हैं, जिनमें जुर्माना 100 रुपये ही है. पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं होता है. वहीं, कुछ नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होता है. इससे वाहन स्वामी को चालान की जानकारी तुरंत नहीं मिल पाती है.

चालान जमा नहीं कराने वाले कुछ लोगों से नहीं हो पाता संपर्क 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त आयुक्त कन्नन जगदीशन ने बताया कि चालान जमा नहीं करने वालों में 6-7 फीसदी लोगों से संपर्क नहीं हो पाता है. ट्रैफिक नियम तोड़ने पर फोटो खींचकर चालान मोबाइल पर भेज दिया जाता है, लेकिन वाहन मालिक के पास पहुंच नहीं पाता है. ऐसे लोगों को अदालत पहुंचने के बाद इसकी जानकारी मिलती है. चालान में खतरनाक ड्राइविंग, बगैर लाइसेंस, ओवर स्पीड, बगैर हेमलेट, रेडलाइट जंप, उलटी दिशा में गाड़ी चलाना प्रमुख रूप से शामिल हैं.
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First published: July 18, 2019, 9:19 PM IST
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