उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पूरे किए 3 साल, कहा- राज्यसभा में 3 सत्र में पास हुए 60% बिल

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पूरे किए 3 साल, कहा- राज्यसभा में 3 सत्र में पास हुए 60% बिल
नायडू 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं.

भारत के सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक संघ (एनडीए) ने वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) को 17 जुलाई 2017 को भारत के उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया था. 5 अगस्त 2017 को हुए चुनाव में गोपालकृष्ण गांधी को पराजित करके वे भारत के 13वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए. नायडू ने 11 अगस्त 2017 को उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी.

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  • Last Updated: August 11, 2020, 8:15 AM IST
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नई दिल्ली. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने अपने कार्यकाल के 3 साल पूरे कर लिए हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बतौर उपराष्ट्रपति 3 साल पूरा होने पर वैंकया नायडू को बधाई दी है. उन्होंने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में वैंकया नायडू के कामकाज की तारीफ की.

इस मौके पर नायडू ने राज्यसभा के पदेन सभापति के तौर पर अपनी उपलब्धियां भी गिनाईं. उन्होंने कहा कि 2019 में राज्यसभा (Rajya Sabha) की प्रोडक्टिविटी रेट पिछले 10 सालों की तुलना में सबसे अच्छी रही है. बीते तीन सत्र सबसे ज्यादा उच्चतर उत्पादकता वाले रहे. इस दौरान करीब 60 फीसदी पेंडिंग विधेयक पास कर दिए गए. वहीं, कमिटी मीटिंग की उपस्थिति भी पहली बार 50 फीसदी पार कर गई.

बता दें कि भारत के सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक संघ (एनडीए) ने वेंकैया नायडू को 17 जुलाई 2017 को भारत के उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया था. 5 अगस्त 2017 को हुए चुनाव में गोपालकृष्ण गांधी को पराजित करके वे भारत के 13वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए. नायडू ने 11 अगस्त 2017 को उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. इससे पहले नायडू 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं.



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सोमवार को वेंकैया नायडू ने राज्यसभा कर्मचारियों के लिए 46 करोड़ रुपये की लागत वाले एक अवासीय परिसर की आधारशिला रखी. इस परियोजना के लिए आर के पुरम में 2003 में जमीन अलॉट किया गया था. संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के सभापति नायडू ने एक डिजिटल कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस आवासीय परियोजना को शुरू करने में 17 साल का लंबा समय लगा. इसके चलते राज्यसभा सचिवालय के लिए इसकी लागत बढ़ गई, जो टाली जा सकती थी.

एक बयान के मुताबिक, नायडू ने सामाजिक-आर्थिक-कानूनी-प्रशासनिक मकड़ जाल का भी जिक्र किया. इसके परिणामस्वरूप बहुमूल्य भूमि संसाधन का उपयोग नहीं हो पाया.

नायडू ने इस बात का जिक्र किया कि अगर 2003 में राज्यसभा सचिवालय को आवंटित 8,700 वर्ग मीटर भूमि को समय से उपयोग में ले आया गया होता, तो सचिवालय को आवास किराया भत्ता के रूप में काफी लाभ हुआ होता. इसके अलावा आवासीय परियोजना में निवेश का बड़ा हिस्सा अब तक वसूल हो गया होता.

उन्होंने राज्यसभा टीवी (आरएसटीवी) चैनल को एनडीएमसी परिसर में रखने के लिए सचिवालय द्वारा 30 करोड़ रुपये का सालाना किराये का उल्लेख करते हुए कहा कि इस चैनल को आर के पुरम में स्थित रखने से भी काफी फायदा हुआ होता. (PTI इनपुट के साथ)
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