साफ हवा के लिए बिल्डिंग पर ही बना दिया था जंगल, अब रहने वालों का हुआ बुरा हाल, ये है वजह

चीन के चेंगदू में बनी क्यूई सिटी फॉरेस्ट गार्डन कॉम्प्लेक्स में लोग अब मच्छरों के हमले से परेशान हैं (फोटो क्रेडिट- AFP)
चीन के चेंगदू में बनी क्यूई सिटी फॉरेस्ट गार्डन कॉम्प्लेक्स में लोग अब मच्छरों के हमले से परेशान हैं (फोटो क्रेडिट- AFP)

साल 2018 की बात करें तो चीन (China) के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक चेंग्दू (Chengdu) के लोगों को दर्जनों विदेशी पौधों (foreign plants) के बीच रहने का विचार बहुत ही रोमांचक लगा था, इसके चलते 2020 के अप्रैल तक क्यूई सिटी फॉरेस्ट गार्डन कॉम्प्लेक्स (Qiyi City Forest Garden residential complex) के सभी 826 यूनिट घर तेजी से बिक गये थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 4:48 PM IST
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चीन (China) के चेंग्दू में स्थित क्यूई सिटी फ़ॉरेस्ट गार्डन आवासीय परिसर (Qiyi City Forest Garden residential complex) इस बात का सटीक उदाहरण है कि कंक्रीट के जंगल और प्राकृतिक जंगल (natural forest) एक साथ नहीं फैल सकते. दोनों में से एक ही जीत सकता है. और सभी को पता है कि कंक्रीट का जंगल लगातार जीत रहा है. जबसे चीन दुनिया की अधिकांश शक्तियों के मुकाबले ताकतवर हुआ है वहां प्राकृतिक व्यवस्था को चैलेंज करने की भी कोशिश की गई हैं. लेकिन प्रकृति (nature) ने भी उसे बता दिया है कि कोई देश कितना भी ताकतवार हो जाये प्रकृति के सामने बौना ही रहेगा. दरअसल यह आवासीय परिसर (residential complex) दो साल पहले तक इसके निवासियों के लिए एक हरे रंग का स्वर्ग (green paradise) माना जाता था, क्योंकि यहां पर सारी बहुमंजिला इमारतों को पेड़-पौधों से लगभग ढंक दिया गया है लेकिन अब ये ऊर्ध्वाधर बनाये गये जंगल का आइडिया एक बुरे सपने में बदल चुका है. यह प्रयोग पूरी तरह से असफल रहा है और इसकी वजह हैं भयानक मच्छर (mosquitoes).

साल 2018 की बात करें तो चीन (China) के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक चेंग्दू (Chengdu) के लोगों को दर्जनों विदेशी पौधों (foreign plants) के बीच रहने का विचार बहुत ही रोमांचक लगा था, इसके चलते 2020 के अप्रैल तक क्यूई सिटी फॉरेस्ट गार्डन कॉम्प्लेक्स (Qiyi City Forest Garden residential complex) के सभी 826 यूनिट घर तेजी से बिक गये थे. प्रत्येक इकाई में बालकनी में ही बड़े होने वाले 20 प्रकार के पौधे थे, जो शहर की वायु और ध्वनि प्रदूषण (city’s air and noise pollution) को कम करते थे.

भयानक तरीके से मच्छरों से भरी हैं आवासीय कॉम्प्लेक्स की बालकनियां
लेकिन फिर भी एक शहरी स्वर्ग बनने के बजाय, यह आठ-टॉवर का कॉम्प्लेक्स एक कयामत के बाद के दौर पर बनी फिल्म से किसी दृश्य की तरह दिखता है, जिसमें बालकनियां हरियाली और भयानक संख्या में मौजूद मच्छरों से ढंकी हुई हैं.
सारे फ्लैट्स के बिक जाने के बाद भी अज्ञात कारणों से अब तक सिर्फ 10 परिवार ही इस आवासीय परिसर में रहने के लिए शिफ्ट हुए हैं. जिसके चलते लगभग सारी ही आवासीय यूनिट और इनके बालकनी गार्डेन फिलहाल खाली पड़े हुए हैं. हाल में ये पौधे बालकनी की सीमा को पार कर बाहर लटके देखे गये हैं. इतना ही नहीं, जो चंद लोग यहां रहने आ चुके हैं, उनका कहना है कि ज्यादातर खाली पड़े हुए फ्लैट और बालकनियों के चलते यह जगह मच्छरों का स्वर्ग बन चुकी है और यहां वे लाखों-करोड़ों की संख्या में फल-फूल रहे हैं.



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पूरी दुनिया में मजाक बनने के बाद जागे डेवलपर, कराएंगे मेंटिनेंस
हालांकि इस कहानी के पूरी दुनिया में वायरल हो जाने के बाद इस प्रॉपर्टी के डेवलपर जागे हैं और उन्होंने वादा किया है कि वह इस बिल्डिंग में हर साल चार बार प्लांट मेंटिनेंस करवायेंगे और साथ ही कीटनाशकों का छिड़काव भी करवायेंगे ताकि कीट-पंतगों से मुक्ति मिल सके.
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