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राम मंदिर निर्माण के लिए VHP का जनसंपर्क अभियान पूरा, 2500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करेगी समर्पण राशि

पहले से और भव्‍य बनेगा राम मंदिर. (file pic)

पहले से और भव्‍य बनेगा राम मंदिर. (file pic)

Ram Mandir Construction: चंपत राय के मुताबिक़ मंदिर के निर्माण में होने वाले ख़र्च का जो अनुमान पहले लगाया था वो 400 करोड़ था लेकिन अब लगता है कि से ख़र्च इसके डेढ़ गुना ज्यादा हो जाएगा. मंदिर के निर्माण को लेकर चंपत राय ने बताया कि मंदिर की नींव किस तरह की होगी इस पर अंतिम फ़ैसला हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 6, 2021, 11:12 PM IST
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नई दिल्ली. राम मंदिर के निर्माण (Ram Mandir Construction) के लिए विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) की तरफ से 15 जनवरी से चलाया गया जनसंपर्क अभियान 27 फ़रवरी को पूरा हो गया. इस अभियान को पूरे देश में चलाया गया. 42 दिन के इस अभियान के दौरान लोगों ने खुलकर मंदिर निर्माण के लिये समर्पण राशि दी. विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए इस अभियान में समर्पण निधि 2500 करोड़ रूपये के आंकड़े को पार करेगी. लगातार दान तीन बैंक खातों में जमा हो रहा है और ऑडिट करके बताया जा सकेगा कि कुल कितने पैसे लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए दिए हैं मंदिर निर्माण के लिए इस जनसंपर्क अभियान में चार लाख गांवों और शहरों के 10 करोड़ परिवारों तक पहुंचे. कुल 9 लाख कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया और 38125 कार्यकर्ताओं के माध्यम से समर्पण निधि बैंकों में जमा हुआ.

चंपत राय के मुताबिक मंदिर निर्माण के लिए हज़ारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़ कर दान किया. कई लोगों ने पांच लाख, दो लाख की पर्ची कटवाई है. पूरे अभियान को पारदर्शी बनाने के लिए 49 नियंत्रण केंद्र बनाए गए और दिल्ली में दो चार्टर्ड एकाउंटेंट के नेतृत्व में अकाउंट की निगरानी के लिए 23 कार्यकर्ताओं ने भारत में संपर्क साध रखा. हालांकि अभियान पूरा जरूर हो गया है लेकिन बैंक खातों के माध्यम से लोग अपना दान जमा करा सकते है. और जल्द ही सब निधि का ऑडिट किया जाएगा और इसे सार्वजनिक भी किया जाएगा.

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मंदिर की नींव पर हो गया अंतिम फैसला
चंपत राय के मुताबिक़ मंदिर के निर्माण में होने वाले ख़र्च का जो अनुमान पहले लगाया था वो 400 करोड़ था लेकिन अब लगता है कि से ख़र्च इसके डेढ़ गुना ज्यादा हो जाएगा. मंदिर के निर्माण को लेकर चंपत राय ने बताया कि मंदिर की नींव किस तरह की होगी इस पर अंतिम फ़ैसला हो गया है. यही नहीं मकर संक्रति से काम शुरू कर दिया गया है, नींव को जहां से भरना है उसका काम 60 फ़ीसदी पूरा हो गया है. फिलहाल 400 फ़िट लंबाई, 250 फ़िट चौड़ाई की जिस जगह नींव का काम चल रहा है वहां से मिट्टी नहीं बल्कि मलबा निकल रहा है. 35 फ़िट तक गहराई से मलबा हटाया जा चुका है 40 फ़िट गहराई तक सब कुछ हटाया जाएगा.

राय ने बताया कि देश भर के आईआईटी की टीम मंदिर निर्माण पर लगातार काम कर रही है. आईआईटी के लोग इस पर लैब टेस्टिंग कर रहे है. उन्होंने बताया था कि मंदिर निर्माण के लिये तीन साल का समय तय किया था यानी की 2023 तक मंदिर का काम पूरा हो सकता है. चूंकि चुनावों का समय है एसे में बंगाल में इस जनसंपर्क अभ्यान पर चंपत राय ने ये साफ किया कि बंगाल की सरकार की तरफ से इस अभियान में किसा भी तरह की कोई बाधा नही पहुंचाई लेकिन तमिलनाडु में प्रशासन की तरफ से कुछ दिक़्क़तें जरूर पेश आई हैं.
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