वकील-जजों के लिए होना चाहिए नया ड्रेस कोड: वेंकैया नायडू

नायडू ने कहा कि मुझे लगता है ये समय लोगों की भाषा का इस्तेमाल करने का है. मेरे अनुसार कोर्ट के फैसले उनकी मातृभाषा में दिया जाना चाहिए. जिस भाषा में वे बोलते हैं.

News18Hindi
Updated: February 13, 2018, 11:36 PM IST
वकील-जजों के लिए होना चाहिए नया ड्रेस कोड: वेंकैया नायडू
ट्रॉयल्स ऑफ ट्रूथ के विमोचन के दौरान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू
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Updated: February 13, 2018, 11:36 PM IST
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मंगलवार को देश के वकीलों और जजों के लिए एक नए ड्रेस कोड का समर्थन किया. इसके अलावा उन्होंने कोर्ट के ऑर्डर और फैसले को क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराए जाने की मांग की.

नायडू ने कहा कि जब वकीलों और जजों को देखता हूं. मैं सोचता हूं कि हमारी अपनी ड्रेस होनी चाहिए. हमारा अपना सिस्टम होना चाहिए. ये स्वतंत्र भारत है. उपराष्ट्रपति वरिष्ठ वकील और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद द्वारा लिखी गए किताब 'ट्रॉयल्स ऑफ ट्रूथ' के विमोचन के बाद बोल रहे थे.

नायडू ने कहा कि न केवल भारतीय कानूनी व्यवस्था बल्कि इसके अलावा संसद आजादी से पहले से ही परंपरा का पालन कर रही है. उन्होंने कहा कि हमारी ड्रेस और भाषा हमारी संस्कृति को दर्शाने वाली होनी चाहिए. जब मैं कल्चर की बात करता हूं तो इसका मतलब है हमारे जीवन का तरीका. एक नया ड्रेस आपको नई पहचान दे सकता है. हमारे पास अपनी खुद की पहचान होनी चाहिए.

नायडू ने कहा कि पिंकी आनंद को प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी को जानना चाहिए जो कुछ सुझाव दे सकते हैं. इसके अलावा उपराष्ट्रपति ने अपील की कि क्षेत्रीय भाषाओं में भी न्यायिक आदेश और फैसले दिए जाएं.

नायडू ने कहा कि मैं जजों और वकीलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा के बारे में बात करना चाहूंगा. मुझे लगता है ये समय लोगों की भाषा का इस्तेमाल करने का है. मेरे अनुसार फैसले उनकी मातृभाषा में दिया जाना चाहिए. जिस भाषा में वे बोलते हैं.

उन्होंने सवाल किया कि अंग्रेजी पसंदीदा भाषा क्यों होनी चाहिए जब वादी को समझ ही नहीं आता कि वकील और जज क्या बात कर रहे हैं.

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