अर्जुन रेड्डी से फेमस हुए अभिनेता ने कहा- सबको ना मिले वोट देने का अधिकार, तानाशाही से ही आ सकता है बदलाव

 अभिनेता विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) की फाइल फोटो
अभिनेता विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) की फाइल फोटो

विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) ने कहा कि केवल तानाशाही समाज में बदलाव ला सकती है और अगर वह राजनीति में आएंगे तो वे तानाशाह बनना चाहेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 10, 2020, 1:53 PM IST
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नई दिल्ली. दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) ने कहा है कि सभी को वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पूरे देश को वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए. विजय यही नहीं रुके, उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह राजनीति में आते हैं तो तानाशाह बनना चाहेंगे. डिजिटल प्लेटफॉर्म फिल्म कंपैनियन में विजय से पूछा गया था कि जिस तरह से अन्य फिल्म सितारे राजनीति में आते हैं, क्या वह भी आना चाहेंगे, जिसके जवाब में उन्होंने यह विवादित बयान दिया. बता दें विजय को उनकी फिल्म अर्जुन रेड्डी (हिन्दी में कबीर सिंह) से प्रसिद्धि मिली थी.

अभिनेता ने मौजूदा चुनावी प्रणाली का विरोध व्यक्त किया और कहा कि उनके पास राजनीति के लिए धैर्य नहीं है. उन्होंने कहा कि 'राजनीतिक व्यवस्था अपने आप में किसी तरह से समझ में नहीं आ रही है, जैसे कि हम चुनावों के बारे में किसी तरह से समझ में नहीं आ रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि हर किसी को वोट देने की अनुमति दी जानी चाहिए. अगर आप विमान पर सवार हैं और आप बॉम्बे के लिए उड़ान भर रहे हैं, तो क्या हम सभी तय करेंगे कि कौन विमान उड़ाएगा? क्या सभी 300 यात्रियों को वोट देने का फैसला करना चाहिए जो उस विमान पर जाने वाले हैं? नहीं! हम एयरलाइंस जैसी कुशल एजेंसी के फैसले पर भरोसा करत हैं. जो सबसे सक्षम व्यक्ति होगा, कंपनी उसे जहाज उड़ाने देगी.

'लोग रुपए के लिए वोट क्यों देते हैं?'
दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता ने कहा कि 'वे रुपए के लिए वोट क्यों देते हैं? क्यों वे सस्ते शराब पर वोट देते हैं? यह हास्यास्पद है. मैं यह भी नहीं कह रहा हूं कि अमीर लोगों को वोट देना चाहिए. मुझे लगता है कि मध्यम वर्ग के पास सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है और जो लोग शिक्षित हैं और जो लोग रुपए के लिए वोट नहीं बदलते.' विजय ने कहा कि इसीलिए मैं कहता हूं कि हर किसी को वोट देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि वे यह भी नहीं जानते हैं कि वे किसे वोट दे रहे हैं और क्यों वोट दे रहे हैं.'



उन्होंने आगे कहा कि केवल तानाशाही समाज में बदलाव ला सकती है और वह तानाशाह बनना चाहेंगे. विजय ने कहा कि 'मैं एक तानाशाह बनना चाहता हूं. यही तरीका है कि आप एक बदलाव कर सकते हैं.  मेरे पास अच्छे इरादे हैं, आपको नहीं पता कि आपके लिए क्या अच्छा है. मुझे लगता है कि कहीं न कहीं तानाशाही सही तरीका है, लेकिन आपको एक अच्छे आदमी की जरूरत है.'
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