विजय माल्या पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कहा- न कुर्क की जाये संपत्तियां

इस साल पांच जनवरी को, विशेष अदालत ने विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था. इसके बाद अदालत ने उनकी संपत्तियां कुर्क करने के लिए कार्यवाही शुरू की थी.

News18Hindi
Updated: July 28, 2019, 7:35 AM IST
विजय माल्या पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कहा- न कुर्क की जाये संपत्तियां
इस साल पांच जनवरी को, विशेष अदालत ने विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था.
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Updated: July 28, 2019, 7:35 AM IST
संकटों में फंसे शराब कारोबारी विजय माल्या ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि उनकी और उनके परिजनों की मालिकाना संपत्तियों को कुर्क करने पर रोक लगाई जाए.  माल्या ने अपनी याचिका में कहा कि कथित अनियमितताओं के मामलों का सामना कर रहे किंगफिशर एयरलाइंस की संपत्तियों के अलावा अन्य संपत्तियां कुर्क नहीं होनी चाहिए. समाचार एजेंसी ANIके अनुसार इस मामले सुनावई 29 जुलाई को होगी.

बंबई हाईकोर्ट ने 11 जुलाई को माल्या की संपत्तियां कुर्क करने को लेकर विशेष अदालत में जारी कार्यवाही पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था.  अदालत की खंडपीठ ने पिछले महीने माल्या द्वारा दायर आवेदन खारिज कर दिया था जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग  कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के सामने लंबित कार्यवाही पर रोक का अनुरोध किया गया था.

इस साल पांच जनवरी को, विशेष अदालत ने माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था. इसके बाद अदालत ने उसकी संपत्तियां कुर्क करने के लिए कार्यवाही शुरू की थी.

क्या है भागोड़ा आर्थिक अपराधी कानून

यह कानून विदेश में छिपकर भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचने वाले भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर लगाम कसता है. इस कानून के तहत सरकार के पास उनकी संपत्ति जब्त करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के अधिकार हैं. इस कानून में यह प्रावधान किया गया है कि आर्थिक अपराध करने वाले भगोड़ों की देश के भीतर और बाहर सभी बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएंगी. यह विधेयक भगोड़े आर्थिक अपराधियों को भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहते हुए भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचने से रोकेगा.

बता दें विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कारोबारियों के बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेने के बाद देश से फरार होने की पृष्ठभूमि में यह कानून बनाया गया. ऐसा कई बार हुआ है जब मामला कोर्ट में लंबित रहता है, तभी लोग देश छोड़कर भाग जाते हैं. यह कानून ऐसे लोगों पर रोक लगाने के लिए है. इसके जरिए उनकी बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएगी.

इस कानून में कहा गया है कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने ऐसे अपराध किए हैं जिनमें 100 करोड़ रुपए या उससे अधिक की रकम सम्मिलित है. वे भारत से फरार हैं या भारत में न्यायिक कार्रवाई से बचने या उसका सामना करने के लिए भारत आने से इनकार करते हैं.
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कितना बकाया है माल्या

इसमें भगोड़ा आर्थिक अपराधी की संपत्ति की कुर्की का उपबंध किया गया है. इसमें कहा गया है कि किसी भी भगोड़े आर्थिक अपराधी को कोई सिविल दावा करने या बचाव करने की हकदारी नहीं होगी. ऐसे मामलों में विशेष न्यायालयों द्वारा जारी आदेशों के विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील करने की बात कही गई है.

बता दें कि विजय माल्या पर बैंकों का लगभग 9400 करोड़ रुपए बकाया है. उनके खिलाफ 17 बैंकों के कंसोर्टियम ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की थी. माल्या की तरफ से कहा गया है कि तेल के रेट बढ़ने, ज्यादा टैक्स और खराब इंजन के चलते उनकी किंगफिशर एयरलाइन्स को 6,107 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था. हालांकि वह अभी करीब 1800 करोड़ रुपए के विलफुल डिफॉल्टर हैं, बाकी बैंक अब भी माल्या के खिलाफ कोर्ट नहीं गए हैं.

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First published: July 28, 2019, 4:07 AM IST
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