विजय माल्या घोषित हुआ देश का पहला भगोड़ा आर्थिक अपराधी, सारी संपत्ति होगी जब्त

कोर्ट के इस फैसले के साथ ही विजय माल्या देश का पहला आर्थिक अपराधी बन चुका है जिसके खिलाफ नए आर्थिक अपराध कानून के तहत कार्रवाई होगी.

News18Hindi
Updated: January 5, 2019, 5:06 PM IST
विजय माल्या घोषित हुआ देश का पहला भगोड़ा आर्थिक अपराधी, सारी संपत्ति होगी जब्त
विजय माल्या (फाइल फोटो)
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Updated: January 5, 2019, 5:06 PM IST
विजय माल्या को विशेष पीएमएलए अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है. इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में याचिका लगाई थी. 26 दिसंबर 2018 को कोर्ट ने फैसला 5 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रखा था. माल्या ने पहले प्रिवेंशन मनी लॉन्ड्र एक्ट (पीएमएलए) अदालत को बताया था कि वह भगोड़ा आर्थिक अपराधी नहीं है. उसने यह भी कहा था कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल नहीं है.

विशेष न्यायाधीश एमएस आजमी ने माल्या के वकील तथा ईडी के वकील की व्यापक दलील सुनने के बाद माल्या को आईपीसी की धारा 12 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया. कोर्ट के इस फैसले के साथ ही विजय माल्या देश का पहला आर्थिक अपराधी बन चुका है जिसके खिलाफ नए 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक 2018' के तहत केस चलेगा.

बता दें कि पिछले साल 10 दिसंबर को लंदन की अदालत ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर भारत के पक्ष में फैसला सुनाया था. लंदन की वेस्टमिनिस्टर कोर्ट ने  विजय माल्‍या को भारत भेजने की इजाजत दे दी. माल्या के पास प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने के लिए 14 दिनों का वक्त होगा. आपको बता दें कि भारतीय जांच एजेंसियां माल्या को प्रत्यर्पित कर स्वदेश वापस लाने की कोशिश पिछले काफी समय से कर रही थी.

कितना है माल्या पर कर्ज

माल्या पर बैंकों का लगभग 9400 करोड़ रुपए बकाया है. उनके खिलाफ 17 बैंकों के कंसोर्शियम ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की थी. माल्या की तरफ से कहा गया है कि तेल के रेट बढ़ने, ज्यादा टैक्स और खराब इंजन के चलते उनकी किंगफिशर एयरलाइन्स को 6,107 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था. हालांकि वह अभी करीब 1800 करोड़ रुपए के विलफुल डिफॉल्टर हैं. बाकी बैंक अब भी माल्या के खिलाफ कोर्ट नहीं गए हैं.

क्या है ‘भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल 2018’

देश के बैंकों से पैसा उधार लेकर विदेश भागने वालों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक 2018' लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गया है. यह विधेयक भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश 2018 के स्थान पर लाया गया है. अब सरकार के पास उनकी संपत्ति जब्त करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के अधिकार होंगे.
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भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल 2018 के तहत देश से लोन लेकर या आर्थिक हेराफेरी के जरिए पैसा लेकर भागने वाले भगोड़ों से वसूली करने में मदद मिलेगी. ऐसे मामलों में सबसे पहले कोर्ट से उस व्यक्ति को भगोड़ा घोषित किया जाएगा. इसके बाद उसकी देश और विदेश की संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा. भगोड़े आर्थिक अपराधी को कोई सिविल दावा करने या बचाव करने की हकदारी नहीं होगी. इस बिल में वही मामले शामिल होंगे जिसमें 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का फ्रॉड हुआ हो. हालांकि विदेशों में संपत्तियों के संबंध में सरकार को पहले उन देशों की सरकार से बात करनी होगी.

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