पाकिस्तान सीमा से सटे इस गांव में आजादी के 73 साल बाद पहली बार आएगी बिजली

पाकिस्तान सीमा से सटे इस गांव में आजादी के 73 साल बाद पहली बार आएगी बिजली
केरन का बिजली स्टेशन. तस्वीर- https://twitter.com/hello_anshul/status/1279049577551654912/photo/2

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kahsmir) का केरन गांव आजादी के 73 साल (Independence Day 2020) बाद पहली बार टीवी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण लाइव देख पाएगा.

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  • Last Updated: July 31, 2020, 12:45 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) का केरन (Keran) गांव आजादी के 73 साल बाद पहली बार टीवी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण लाइव देख पाएगा. बीते 73 साल से 12,000 परिवार के लोगों ने केरन गांव में शाम को 6 से 9 बजे के बीच जेनरेटर सेट के जरिए केवल तीन घंटे बिजली मिलती थी. ऐसा पहली बार होगा जब गांव में स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के दिन सुबह ही बिजली होगी. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य स्थित कुपवाड़ा जिला कलेक्टर अंशुल गर्ग ने बताया कि पिछले साल से ही हमने बॉर्डर एरिया में मिशन मोड पर काम किया और अपना लक्ष्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया.

जिलाधिकारी गर्ग ने बताया कि सिर्फ विद्युतीकरण ही नहीं बल्कि सड़कों का भी सुधार किया जा रहा है. किशन गंगा नदी के तट पर स्थित, केरन जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से हर साल लगभग छह महीने सर्दियों के चलते कट जाता है. गर्ग ने बताया कि इस साल बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने सर्दियों से पहले सड़कों को बनाने का काम पूरा कर लिया.

कुपवाड़ा जिला पाकिस्तान के साथ 170 किलोमीटर की सीमा साझा करता है. यहां पांच विधानसभा क्षेत्र और 356 पंचायतें हैं. जम्मू और कश्मीर प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इस क्षेत्र के सभी चुनावों में सबसे ज्यादा मतदान होता है.' गृह मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक साल में न केवल सीमावर्ती जिले बल्कि केंद्र शासित प्रदेश में काफी विकास हुआ है.'





गृह मंत्रालय के अनुसार, 5,979 करोड़ रुपये की 2,273 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई
सरकार का दावा है कि जम्मू-कश्मीर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (JKIDFC) ने कई परियोजनाओं को शुरू किया जिन पर कोई काम नहीं हो रहा था. गृह मंत्रालय के अनुसार, 5,979 करोड़ रुपये की 2,273 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसमें से 506 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 963 मार्च 2021 तक पूरी हो जाएंगी.

जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास की सचिव शीतल नंदा ने कहा, 'केंद्र ने 14 वें वित्त आयोग के अनुदान के रूप में 1,400 करोड़ रुपये जारी किए हैं जो तीन साल से अधिक समय तक रुके हुए थे.' उनके अनुसार मिड डे मील योजना के तहत केंद्र द्वारा 65 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. किसी भी विवाद से बचने के लिए ग्राम प्रधानों या सरपंचों और स्कूल के प्रमुखों के नाम पर अब संयुक्त खाते बनाए गए हैं.'
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