सेना के जवान जाने लगे तो भर आईं ग्रामीणों की आंखें, हाथ जोड़ कर कहा ‘जान बचाने का शुक्रिया’

जब जवान (Army Personnel) ट्रकों में अपना सामान लाद रहे थे तो गांव वाले कतार में खड़े हो गए और फिर सभी ने हाथ जोड़कर उनका तहेदिल से शुक्रिया अदा किया. इस माहौल में ग्रामीण अपनी आंखो में आंसू नहीं रोक सके.

भाषा
Updated: August 13, 2019, 5:09 PM IST
सेना के जवान जाने लगे तो भर आईं ग्रामीणों की आंखें, हाथ जोड़ कर कहा ‘जान बचाने का शुक्रिया’
जवान पिछले कुछ वक्त से बाढ़ से राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए थे. (सांकेतिक तस्वीर)
भाषा
Updated: August 13, 2019, 5:09 PM IST
कर्नाटक के चिकमंगलूर (Chikkamagaluru) जिले के मडीगेरे इलाके में आई बाढ़ का पानी उतरने लगा है और हालात तेजी से सामान्य होने लगे हैं. इसे देखते हुये जब यहां राहत कार्य के लिए आये सेना के जवानों (Army Personnel) की मंगलवार को वापसी होने लगी तो बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की आंखे डबडबा उठीं और माहौल बहुत जज्बाती हो गया.

ये जवान बीते कुछ दिनों से राहत कार्यों में लगे थे और कुदरत का गुस्सा शांत होने पर वे वापस जाने की तैयारी में जुट गए. जब गांव वालों को इसकी खबर हुई तो वे सब उन्हें विदाई देने के लिए वहां जमा हो गए.

जब जवान ट्रकों में अपना सामान लाद रहे थे तो गांव वाले कतार में खड़े हो गए और फिर सभी ने हाथ जोड़कर उनका तहेदिल से शुक्रिया अदा किया. इस माहौल में ग्रामीण अपनी आंखो में आंसू नहीं रोक सके. ऐसे में वह बाढ़ से सामान और पशुधन के बहने का दर्द भी शायद भूल गये थे.



महिलाओं ने जवानों को बांधी राखी
राहत शिविरों में रह रही महिलाओं ने इन जवानों की आरती उतारी, राखी बांधी और टीका किया. एक महिला ने रूंधे हुये गले से कहा, ‘‘भगवान तुम्हारा भला करे. वह तुम्हें और तुम्हारे परिवार को सुखी और संपन्न बनाए.’’

ग्रामीणों का यह प्रेम देखकर सेना के ये जवान भी जज्बाती हो गए और उनकी भी आंखों में आंसू आ गए. दोनों ओर से भावनाओं का प्रवाह इतना सशक्त था कि उसमें शब्दों की आवश्यकता नहीं थी और शब्द होते भी तो वे निरर्थक होते क्योंकि ये जवान उत्तर भारत से आये थे और उन्हें यहां की जुबान कन्नड भी नहीं आती थी.
Loading...

बाढ़ से हुआ है भारी नुकसान
यहां के गांव जैसे केलेगुर, बलीजे और मलेमाने बाढ़ की विपदा से खासे प्रभावित हुये हैं. इस जलप्रलय से हजारों एकड़ काश्तकारी की जमीन खराब हो गई है. इसमें सुपारी और नारियल के पेड़ लगे हुये थे. बाढ़ से हजारों घर तबाह हो गए और उनका नामोनिशान तक मिट गया है. अधिकारियों के अनुसार कई गांवो को नए सिरे से बनाना बसाना होगा.

ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र बाढ़- नदियों का जलस्तर कम होने से हालात सुधरे, अब तक 43 की मौत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 13, 2019, 5:09 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...