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महाराष्ट्र पहुंची त्रिपुरा हिंसा की आंच, अमरावती-नांदेड़ और मालेगांव में तोड़फोड़

महाराष्ट्र पहुंची त्रिपुरा हिंसा की आंच, अमरावती-नांदेड़ और मालेगांव में तोड़फोड़

त्रिपुरामें बीते महीने हिंसा हुई थी जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई थीं. (पीटीआई फाइल फोटो)

त्रिपुरामें बीते महीने हिंसा हुई थी जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई थीं. (पीटीआई फाइल फोटो)

Tripura Violence: त्रिपुरा के पानीसागर में भीड़ बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के विरूद्ध प्रदर्शन करते हुए हिंसा पर उतर आयी थी और इससे एक धर्मस्थल, मकानों एवं दुकानों को नुकसान पहुंचा था. इसके विरोध शुक्रवार को कुछ संगठनों के प्रदर्शन के दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दुकानों पर पथराव करने के बाद इलाकों के कई हिस्सों में तनाव फैल गया. महाराष्ट्र में कई जगह तोड़फोड़ के साथ पुलिस पर भी पथराव की घटना हुई.

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    नागपुर. पिछले महीने त्रिपुरा में हुई हिंसा (Tripura Violence) के खिलाफ महाराष्ट्र के अमरावती, नांदेड़ और मालेगांव में शुक्रवार को कुछ संगठनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दुकानों पर पथराव करने के बाद इलाके के कई हिस्सों में तनाव फैल गया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जैयाब चौराहे पर दुकानों के शीशे पर पथराव किया गया और अब दुकानदारों की शिकायत पर मामला दर्ज किया जा रहा है.

    महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने कहा है-त्रिपुरा में हुई हिंसा के खिलाफ राज्य भर के मुसलमानों ने आज विरोध मार्च निकाला. इस दौरान नांदेड़, मालेगांव, अमरावती और कुछ अन्य जगहों पर पथराव की घटनाएं हुईं. मैं सभी हिंदुओं और मुसलमानों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. स्थिति नियंत्रण में है. अधिकारियों के जरिए मैं व्यक्तिगत रूप से हालात पर नजर रख रहा हूं. गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हमें सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखना होगा.

    त्रिपुरा के पानीसागर में भीड़ बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के विरूद्ध प्रदर्शन करते हुए हिंसा पर उतर आयी थी और इससे एक धर्मस्थल, मकानों एवं दुकानों को नुकसान पहुंचा था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दो वकीलों और एक पत्रकार की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई थी, जिसमें त्रिपुरा में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर हुई हिंसा के तथ्य सोशल मीडिया के जरिए साझा करने के आरोप में UAPA के कठोर प्रावधानों के तहत दर्ज आपराधिक मामले रद्द करने का अनुरोध किया गया है.

    त्रिपुरा में अल्पसंख्यक समुदाय के पूजा स्थलों के खिलाफ कथित हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट के वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं समेत 102 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

    सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
    फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का हिस्सा रहे नागरिक समाज के सदस्यों ने भी गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को इस आधार पर चुनौती दी है कि ‘गैरकानूनी गतिविधियों’ की परिभाषा अस्पष्ट और व्यापक है. इसके अलावा, कानूनन आरोपी को जमानत मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है. हाल ही में बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के दौरान अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की खबरों के बाद त्रिपुरा में आगजनी, लूटपाट और हिंसा की घटनाएं हुईं.

    Tags: Maharashtra, Tripura Violence

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