ममता बनर्जी के घायल होने के बाद पश्चिम बंगाल में ऐसे मजबूत किया गया VIP सुरक्षा कवच

पश्चिम बंगाल में मौजूदा समय में करीब 84 वीआईपी हैं, जिनको सुरक्षा केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा मुहैया करवाई जा रही है.

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही महत्वपूर्ण लोगों की वीआईपी सिक्युरिटी (VIP Security) एक अहम मुद्दा बन गया है. राज्य पुलिस (State Police) के साथ-साथ केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियां (Central Security Agencies) भी ये सुनिश्चित कर रही हैं कि इसमें चूक न हो.

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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही महत्वपूर्ण लोगों की वीआईपी सिक्युरिटी (VIP Security) एक अहम मुद्दा बन गया है. राज्य पुलिस (State Police) के साथ-साथ केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियां (Central Security Agencies) भी ये सुनिश्चित कर रही हैं कि इसमें चूक न हो. केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसी जिसमें सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी शामिल हैं, उन्होने हाल ही के कुछ महीनों में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है. ऐसा इसलिए किया गया है कि क्योंकि हाल के दिनों में राज्य में नेताओं पर हमले की घटनाओं तेजी आई है. इसको लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी बढ़ा है. ताजा मामला है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के घायल होने का.

ममता बनर्जी के घायल होने पर गृह मंत्रालय का जवाब
पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घायल होने की घटना पर गृह मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि प्रदेश पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था सीएम को मुहैया करवाई जाती है, जो कि जेड प्लस श्रेणी की होती है और जिन अधिकारियों की इसमें ड्यूटी लगी होती है वो ही पूरी तरीके से सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होते हैं. इसके अलावा कई वीआईपी यानि महत्वपूर्ण शख्स के सुरक्षा का जिम्मा केन्द्रीय सुरक्षा ऐसेंसियों के भी जिम्मे है, जिसका पालन एक तय प्रोटोकाल के मुताबिक किया जा रहा है. वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था का आंकलन दिसंबर 2020 में बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा पर हुए हमले के बाद फिर से किया गया है और प्रदेश पुलिस के साथ केन्द्रीय एजेंसियों का समन्वय और ज्यादा बढ़ाया गया है.

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ममता बनर्जी कल नंदीग्राम से पर्चा दाखिल करेंगी (PTI)


राज्य में तकरीबन 84 वीआईपी को मिली है सुरक्षा
गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में मौजूदा समय में करीब 84 वीआईपी हैं, जिनको सुरक्षा केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा मुहैया करवाई जा रही है. ये वीआईपी या तो पश्चिम बंगाल में रहते हैं या फिर जब पश्चिम बंगाल आते हैं तब उनको सुरक्षा प्रदान की जाती है. सुरक्षा की कैटेगरी वाई, वाई प्लस और जेड प्लस है. जहां तक सीएम का सवाल है तो पश्चिम बंगाल पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है, क्योंकि वो उसी सूबे की मुखिया हैं.

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बीजेपी अध्यक्ष पर हमले के बाद वीआईपी सुरक्षा में ये बदलाव
-दिसंबर में बीजेपी अध्यक्ष पर हुए हमले के बाद वीआईपी सुरक्षा में कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं, जिसमें वीआईपी विजिट पर एस्कार्ट वाहन का मौजूद होना जरूरी है.
-प्रदेश पुलिस के साथ बेहतर समन्वय के लिए केन्द्रीय सुरक्षाबल और प्रदेश पुलिस के बेहतर तालमेल.
-वीआईपी विजिट के दौरान उस इलाके में रिजर्व केन्द्रीय अर्धसैनिक बल भी रहते हैं ताकि उनका जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल किया जा सके.
-जिस स्थल पर वीआईपी विजिट होती है वहां आने-जाने वाले लोगों पर और पुख्ता तरीके से निगरानी रखी जाती है.
-हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती और दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जिन्हें, पर्यवेक्षक बनाया गया है उन्हें कुछ दिन पहले ही वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है.
-इनके साथ भी तय प्रोटोकाल के मुताबिक सुरक्षाबल मौजूद रहेंगे, जिन्हे कुछ दिन पहले और मजबूत किया गया था.

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