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जम्मू-कश्मीर में छह जुलाई से नौ जुलाई के बीच परिसीमन आयोग का दौरा

जम्मू-कश्मीर (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर (jammu and kashmir) में नए निर्वाचन क्षेत्र बनाने के लिए जानकारी एकत्र करने के उद्देश्य से परिसीमन आयोग छह जुलाई से नौ जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर का दौरा करेगा और केंद्रशासित प्रदेश के राजनीतिक दलों, जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ वार्ता करेगा.

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    नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर (jammu and kashmir) में नए निर्वाचन क्षेत्र बनाने के लिए जानकारी एकत्र करने के उद्देश्य से परिसीमन आयोग छह जुलाई से नौ जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर का दौरा करेगा और केंद्रशासित प्रदेश के राजनीतिक दलों, जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ वार्ता करेगा. चुनावी पैनल की बैठक के बाद यह फैसला किया गया, जिसकी अध्यक्षता परिसीमन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) सुशील चंद्र ने की.

    निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने यहां जारी एक बयान में कहा, ‘‘आयोग को उम्मीद है कि सभी पक्ष इस कार्य में सहयोग करेंगे और उपयोगी सुझाव देंगे, ताकि परिसीमन का काम समय पर पूरा हो सके.’’ जम्मू-कश्मीर के संसदीय एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निधारण की जिम्मेदारी परिसीमन आयोग को सौंपी गई है.

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    इसी सप्‍ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों (J&K Political Parties) की अहम बैठक हुई. सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में केंद्र ने आश्वस्त किया है कि वो कश्मीर के विकास और चुनाव कराने को लेकर प्रतिबद्ध है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है-दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी खत्म करनी है.

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    वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जैसे स्टेट डिसॉल्व किया गया था वो सही नहीं था, ऐसा नहीं होना चाहिए था. उन्होंने 5 मांग की. पहला, राज्य का दर्जा जल्दी दें. दूसरा, विधानसभा का चुनाव तुरंत हो ,लोकतंत्र बहाल हो. तीसरा, डोमिसाइल के नियम, खासतौर पर जमीन और नौकरी के मामले में गारंटी दे सरकार. तीसरा, कश्मीरी पंडित 30 साल से बाहर हैं, उनको वापस लाया जाए. चौथा, राजनीतिक बंदियों को रिहा किया जाए.

    आजाद ने कहा- 'गृहमंत्री ने पीएम से पहले कहा- स्टेटहुड देने के लिए वचनबद्ध हैं और इलेक्शन के लिए भी वचनबद्ध हैं, सिर्फ परिसीमन का इंतजार है. स्टेटहुड मिल जाएगा और इलेक्शन हो जाएंगे तब हम संतुष्ट होंगे.' वहीं बीजेपी नेता निर्मल सिंह ने कहा- 'सभी पार्टियों की राय है कि जम्मू-कश्मीर में शांति होनी चाहिए. एक सरकार लोकतांत्रिक तरीके से बने.' पीएम मोदी ने सभी से अपील की है कि शांति तभी आएगी जब सब साथ मिलकर साथ काम करेंगे.

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