स्पूतनिक वैक्सीन की तुलना AK-47 से कर बोले पुतिन- पूरी भरोसेमंद

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (फाइल फोटो)

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (फाइल फोटो)

रूसी राष्ट्रपति पुतिन (Vladimir Putin) ने स्पूतिनक-V पर भरोसा जताते हुए इसकी तुलना AK-47 से की है. 'स्पूतनिक-V तीसरे चरण के परीक्षण में 91.6 प्रतिशत प्रभावी साबित हुई है

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नई दिल्ली. भारत में इमरजेंसी यूज अप्रूवल पा चुकी वैक्सीन स्पूतनिक-V (Sputnik-V) की तुलना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) ने AK-47 से की है. उन्होंने वैक्सीन के बारे में कहा है कि ये पूरी तरीके से भरोसेमंद है. बता दें हथियारों की दुनिया में AK-47 को बेहद मारक हथियार के रूप में पहचाना जाता है. इसे क्वीन ऑफ आर्म्स यानी हथियारों की रानी भी कहा जाता है.

इससे पहले रूस ने कोविड-19 रोधी अपने टीके स्पूतनिक-वी (Sputnik V) की सिंगल शॉट वाले संस्करण को यह तर्क देते हुए नियामक मंजूरी प्रदान कर दी कि इस कदम से कोरोना वायरस के खिलाफ सामूहिक प्रतिरक्षा प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है.

टीके के इस संस्करण का नाम ‘स्पूतनिक लाइट’ है और यह दो-खुराक वाले स्पूतनिक-वी की पहली खुराक के समान है. इसे अभी तक स्थापित वैज्ञानिक प्रोटोकॉल के अनुरूप इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उन्नत परीक्षण पूरा करना बाकी है.

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भारत को मिल चुकी है पहली खेप

हाल ही में भारत को रूस से स्पूतनिक वी वैक्सीन की 1.5 लाख खुराक की पहली खेप मिली. रूस ने 11 अगस्त 2020 को कोरोना वायरस की वैक्सीन स्पूतनिक वी को मंजूरी दी थी. इसके बाद सितंबर में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और RDIF ने स्पूतनिक वी के चिकित्सकीय परीक्षण के लिए एक समझौता किया था. डॉ. रेड्डीज को रूसी वैक्सीन के नियंत्रित आपातकालिक उपयोग की अनुमति पहले ही मिल चुकी है.

शानदार रहा है एफिकेसी रेट



शुरुआत में इस वैक्सीन की क्षमता पर सवाल खड़े किए गए, मगर बाद में जब इस साल फरवरी में ट्रायल के डेटा को द लांसेट में पब्लिश किया गया तो इसमें इस वैक्सीन को सेफ और इफेक्टिव बताया गया. दरअसल, कोविड-19 के रूसी टीके 'स्पूतनिक-वी के तीसरे चरण के परीक्षण में यह 91.6 प्रतिशत प्रभावी साबित हुई है और कोई दुष्प्रभाव भी नजर नहीं आया. 'द लांसेट' जर्नल में प्रकाशित आंकड़ों के अंतरिम विश्लेषण में यह दावा किया गया है. अध्ययन के ये नतीजे करीब 20,000 प्रतिभागियों से एकत्र किए गए आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित हैं.

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