पटना साहिब की आवाज़ अब खामोश नहीं है

रविशंकर प्रसाद हर रोज अपने क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण कार्यकर्तोओं के साथ वीसी के जरिए चर्चा करते हैं.

ये रविशंकर प्रसाद की कोशिशों का ही नतीजा है कि पटना के एम्स में 20 बेड का एक समर्पित वार्ड बनाया गया है जहां ब्लैक फंगस से होने वाली बीमारी का इलाज जारी है. ये एक स्पेशलाइज्ड वार्ड है, जिसे शुरू करने के लिए रविशंकर प्रसाद ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और एम्स के निदेशक से सीधी बात की थी.

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नई दिल्ली. पटना साहिब के लोकसभा (Patna Sahib Lok Sabha constituency) सांसद रविशंकर प्रसाद के कदम दिल्ली में रुक नहीं रहे. उन्हें चिंता है अपने संसदीय क्षेत्र मे फैली कोरोना महामारी (Corona Pandemic) और इसके मैनेजमेंट में जो मुश्किलें आ रहीं हैं उसे दूर करने की. केन्द्र में मंत्री हैं और कई अहम मंत्रालय उनके पास हैं तो दिल्ली से लगातार दूर रहना भी मुश्किल हो रहा है, लेकिन हर सप्ताह के अंत में वे पटना साहिब पहुंच रहे हैं. हालांकि लॉकडाउन के चलते शहर का दौरा भी नहीं कर पा रहे हैं लेकिन उनके लोकसभा क्षेत्र की हर पंचायत तक राहत पहुंचे इसकी कोशिशें दिन रात जारी हैं.

ये रविशंकर प्रसाद की कोशिशों का ही नतीजा है कि पटना के एम्स में 20 बेड का एक समर्पित वार्ड बनाया गया है जहां ब्लैक फंगस से होने वाली बीमारी का इलाज जारी है. ये एक स्पेशलाइज्ड वार्ड है, जिसे शुरू करने के लिए रविशंकर प्रसाद ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और एम्स के निदेशक से सीधी बात की थी. रविशंकर प्रसाद पटना के एम्स को कोरोना समर्पित अस्पताल बनाने की मांग के साथ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से पहले ही बात कर चुके हैं. इसके अतिरिक्त उन्होंने पटना एम्स में बेड बढ़ाने की बात भी हर्षवर्धन से की थी. 15 मई को अपने पटना दौरे में उन्होंने शहर के सभी बड़े अस्पतालों इंदिरा गांधी संस्थान, पीएमसीएच, एमएमसीएच में कोविड के इलाज और तैयारियों पर व्यापक चर्चा की थी. इसमें स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ बिहार के चारों प्रमुख अस्पतालों के निदेशक और प्राचार्य भी शामिल हुए थे. इस बैठक में रविशंकर प्रसाद को ये बताया गया कि अब मरीजों की संख्या का जो दबाव पटना के अस्पतालों पर था वो कम हुआ है.

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मेदांत अस्पताल के मालिक डॉ. नरेश त्रेहान से व्यक्तिगत आग्रह करके पटना साहिब के कंकडबाग इलाके में बने मेदांता अस्पताल को कोरोना के इलाज के लिए शुरू करवा दिया है. ये रविशंकर प्रसाद की पहल का ही नतीजा है कि बिहटा में स्थित ईएसआई अस्पताल में सेना ने 500 बेड का कोविड अस्पताल बनाया और डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज हो रहा है.

रविशंकर प्रसाद की पहल और अनुरोध पर पटना के रोटरी क्लब से जुड़े डॉक्टर भी कोरोना महामारी से लड़ने में सामने आए हैं. बिहार और झारखंड के इन डॉक्टरों ने कोरोना के मरीजों को मुफ्त डॉक्टरी सलाह देने की शुरुआत की है. ऐसे 35 डॉक्टरों की एक टीम ने मेडिकल सेतु के नाम से ऑनलाइन प्लेटफार्म बनाकर लोगों को मुफ्त सेवा देना शुरू कर दिया है.

रविशंकर प्रसाद ने टाटा ग्रुप के चेयरमैन से आग्रह कर जमशेदपुर में स्थित टाटा फैक्ट्री से कई ऑक्सीजन के टैंकर भिजवाए. पेट्रोलियम मंत्री ध्रमेन्द्र प्रधान के सहयोग से एक लिक्विड ऑक्सिजन कंटेनर पटना पहुंचाया. रविशंकर प्रसाद की पहल के बाद जल्दी ही 75 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पटना के छोटे कोरोना केयर केन्द्रों को दिया जाएगा. साथ ही पटना के आईजीआईएमएस में एक ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा.

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रविशंकर प्रसाद हर रोज अपने क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण कार्यकर्तोओं के साथ वीसी के जरिए चर्चा करते हैं. रविशंकर प्रसाद ने इसे अपनी दिनचर्या ही बना रखा है कि अपने क्षेत्र मे पड़ने वाली हर पंचायत के प्रमुख लोगों के साथ वो संपर्क रख रहे हैं, ताकि जमीनी हकीकत का अंदाजा लगता रहे. साथ ही सामज के विभिन्न प्रतिष्ठित वर्गों से संवाद का सिलसिला जारी है. अस्पतालों में आ रही दिक्कतों को लेकर वो पटना साहिब के प्रमुख डॉक्टरों से संपर्क में हैं. सोशल मीडिया के जरिए वो और उनके प्रतिनिधी लगातार लोगों की मुश्किलें जान रहे हैं और उन्हें दूर करने की कोशिश कर रहे हैं.

2019 में रविशंकर प्रसाद ने पटना साहिब से पहली बार चुनाव लड़ा था तो उन्होंने कहा था कि अब पटना साहिब की आवाज खामोश नहीं रहेगी. पटना में आई भीषण बाढ़ में भी वहां की जनता ने रविशंकर प्रसाद को पानी के अंदर घुसकर उन तक पहुंचते देखा और अब कोरोना की महामारी और लॉकडाउन ने उन्हें जनता से भले ही दूर कर रखा हो लेकिन उनकी आवाज खामोश नहीं है. क्योंकि वो दिन रात उनके लिए हर फोरम पर आवाज उठाकर मदद लाने की कोशिश में जुटे हैं.