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ब्रिटेन और अमेरिका से लोगों ने तिहाड़ भेजी चिट्ठी, कहा- हम देंगे निर्भया के दोषियों को फांसी

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Updated: December 12, 2019, 3:48 PM IST
ब्रिटेन और अमेरिका से लोगों ने तिहाड़ भेजी चिट्ठी, कहा- हम देंगे निर्भया के दोषियों को फांसी
तस्वीर- News18

निर्भया 23 वर्षीय उस फिजियोथेरेपी इंटर्न का काल्पनिक नाम है जिससे 16 दिसंबर, 2012 को दक्षिण दिल्ली में चलती बस में चालक समेत छह व्यक्तियों ने सामूहिक बलात्कार किया था और उसपर बर्बर हमला किया गया था, जिसके कारण बाद में उसकी मौत हो गई थी

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  • Last Updated: December 12, 2019, 3:48 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में निर्भया बलात्कार (Nirbhaya Gangrape) के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने के लिए कई देशों से लोगों ने चिट्ठी भेजी है कि वह जल्लाद का काम करना चाहते हैं. 16 दिसंबर को निर्भया कांड की सातवीं बरसी है और रिपोर्ट है कि उसी दिन इस मामले में दोषियों को फांसी की सजा दी जाएगी. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह आवेदन अमेरिका और ब्रिटेन सरीखे देशों से आए हैं. इतना नहीं देश के ही कई अन्य राज्यों से भी लोगों ने इन चारों दोषियों को फांसी देने के लिए जल्लाद बनने के लिए आवेदन किया है.

हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जेल अधिकारी ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर जानकारी दी कि, 'हमें दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, छत्तीसगढ़, केरल और तमिलनाडु से पत्र मिले हैं. लंदन (यूनाइटेड किंगडम) और अमेरिका से भी दो पत्र हैं. एक बुजुर्ग नागरिक, एक वकील और एक चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं, जिन्होंने स्वेच्छा से जल्लाद बनने के लिए आवेदन किया है.  हालांकि हमें उनकी सेवा की आवश्यकता नहीं है. अगर जरूरत पड़ी तो एक जेल अधिकारी भी काम कर सकता है, जैसे कि अफजल गुरु के मामले में किया गया था.'

12 कैदी और जिन्हें फांसी दी जानी है
यह बात दीगर है कि बीते हफ्ते के आखिर में अपराधी पवन गुप्ता को भी मंडोली जेल से तिहाड़ स्थानांतरित कर दिया गया. फिलहाल तिहाड़ में 12 कैदी ऐसे हैं जिन्हें फांसी की सजा दी जानी है. हालांकि जेल के पास आधिकारिक जल्लाद नहीं हैं. इससे पहले जेल ने मेरठ जेल के एक जल्लाद को बुलाकर फांसी दिलाई थी.

बता दें दिसंबर, 2012 में हुये सनसनीखेज निर्भया कांड में उच्चतम न्यायालय ने 2017 में चारों मुजरिमों की मौत की सजा के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराया था. इससे पहले, उच्च न्यायालय ने चारों को मौत की सजा के निचली अदालत के फैसले की पुष्टि कर दी थी. दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर, 2012 की रात चलती बस में छह व्यक्तियों ने 23 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी करके सड़क पर फेंक दिया था. निर्भया का बाद में 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर में माउन्ट एलिजाबेथ अस्पताल में निधन हो गया था. एजेंसी इनपुट के साथ

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First published: December 12, 2019, 3:46 PM IST
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