आज का मौसम, 30 अक्टूबर: कुछ राज्यों में बारिश के आसार, दिल्ली में टूटा तापमान के 26 साल का रिकॉर्ड

Weather News: दिल्ली में टूटा तापमान का रिकॉर्ड (File Photo)
Weather News: दिल्ली में टूटा तापमान का रिकॉर्ड (File Photo)

Weather Forecast Today: IMD के अनुसार देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, वहीं दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में शनिवार तक सुधार आ सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 7:37 AM IST
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नई दिल्ली. देश से दक्षिण पश्चिम मॉनसून की रवानगी के कई हिस्सों में वर्षा संबंधी गतिविधियां कम हो गईं हैं. हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि देश के कुछ राज्यों में हल्की बारिश हो सकती है. विभाग के अनुसार केरल, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी में बारिश हो सकती है. साथ ही मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और नगालैंड में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है.

इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते जम्मू कश्मीर , गिलगित, बल्तिस्तान, मुज़फ्फ़राबाद और लद्दाख के कुछ इलाकों में बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो ने की संभावना है.  बता दें गुरुवार को तमिनलाडु के चेन्नई, अंडमान निकोबार के लॉन्ग आईलैंड, पोर्ट ब्लेयर, कार निकोबार और महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बारिश हुई थी.

चेन्नई में बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न
वहीं, तमिलनाडु में 28 अक्टूबर को उत्तरपूर्वी मॉनसून की शुरुआत के बाद चेन्नई में गुरुवार सुबह भारी बारिश होने के कारण शहर के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ. बुधवार रात शुरू हुई बारिश गुरुवार सुबह तक जारी रही. इससे यातायात प्रभावित हुआ और कई दोपहिया वाहन सवारों को जलजमाव के बीच अपने वाहनों से उतर कर धक्का मारकर ले जाते हुए देखा गया.
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने कहा कि श्रमिकों ने शहर की सड़कों और पानी से भरे 20 से अधिक सबवे से, पानी निकाला. कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई. शहर के मायलापुर में 18 सेमी बारिश दर्ज हुई. मौसम विभाग के अनुसार, कोट्टुरपुरम में 14 सेमी और उत्तरी परिधि पर रेड हिल्स में 13 सेमी बारिश हुई.



दिल्ली में अक्टूबर में न्यूनतम तापमान का 26 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा
इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 26 वर्षों में अक्टूबर महीने में सबसे कम है. भारतीय मौसम विभाग ने यह जानकारी दी. मौसम विभाग के मुताबिक साल के इस समय में सामान्य न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस रहता है.

विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि इससे पहले वर्ष 1994 में दिल्ली में इतना कम तापमान दर्ज किया गया था. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक आखिरी बार 31 अक्टूबर, 1994 को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में अक्टूबर माह में सर्वकालिक न्यूनतम तापमान(9.4 डिग्री सेल्सियस) 31 अक्टूबर, 1937 को दर्ज किया गया था. मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि इस बार इतना कम न्यूनतम तापमान होने का कारण आसमान में बादलों का नहीं छाए रहना है.

आसमान में बादल छाए रहने के कारण पृथ्वी से परावर्तित होने वाली अवरक्त (इंफ्रारेड) किरणों में कुछ किरणें बादलों के कारण वापस आ जाती हैं और इससे धरती गर्म हो जाती है. श्रीवास्तव ने कहा कि एक अन्य कारण शांत हवाएं हैं, जिसके कारण धुंध और कोहरा छाता है. मौसम विभाग ने कहा कि एक नवंबर तक न्यूनतम तापमान गिर कर 11 डिग्री सेल्सियस तक होने की संभावना है.

दिल्ली के वायु प्रदूषण में पराली जलाये जाने की हिस्सेदारी बढ़ कर 36 प्रतिशत हुई :सफर
दूसरी ओर दिल्ली के ‘पीएम 2.5’ प्रदूषण में पराली जलाये जाने से निकलने वाले प्रदूषकों की हिस्सेदारी बृहस्पतिवार को बढ़ कर 36 प्रतिशत हो गई, जो इस मौसम में सर्वाधिक है. केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी ने यह जानकारी दी. ‘पीएम 2.5’ वायु में मौजूद 2.5 माइक्रोमीटर से कम व्यास के कण हैं.

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी ‘सफर’ के मुताबिक, पड़ोसी राज्यों में खेतों में पराली जलाये जाने की 2,912 घटनाएं बुधवार को दर्ज की गईं, जो इस मौसम में सर्वाधिक हैं. सफर ने कहा, ‘दिल्ली में पीएम 2.5 के 36 प्रतिशत सकेंद्रण के लिये पराली जलाये जाने की घटनाएं जिम्मेदार हैं. ’

यह संकेंद्रण बुधवार को 18, मंगलवार को 23 और सोमवार को 16, रविवार को 19 और शनिवार को नौ प्रतिशत था. दिल्ली में दोपहर दो बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 402 दर्ज किया गया. एक्यूआई का 24 घंटे का औसत बुधवार को 297, मंगलवार को 312, सोमवार को 353, रविवार को 349, शनिवार को 345 और शुक्रवार को 366 था.

सफर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पैदा हुए प्रदूषकों और पराली जलाये जाने वाले क्षेत्रों से आने वाली उत्तर पछुआ पवनों के चलते आए बाहरी प्रदूषक पीएम 2.5 के स्तर में वृद्धि के लिये जिम्मेदार हैं.

सफर ने कहा कि सतह पर चलने वाली वायु गति और बेहतर मौसमी दशाओं के चलते स्थिति में शनिवार तक सुधार होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को वायु गति की दिशा उत्तर की ओर थी और अधिकतम वायु गति आठ किमी प्रति घंटा थी. न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 26 वर्षों में अक्टूबर महीने में सबसे कम था. शांत हवाएं और कम तापमान प्रदूषकों को जमीन के करीब ही रखती हैं, जबकि वायु गति अधिक रहने से उनका छितराव होता है.
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