BJP MP और IT की स्थायी समिति के प्रमुख के बीच जंग जारी, इस बार कश्मीर में 4G इंटरनेट की चर्चा पर भिड़े

BJP MP और IT की स्थायी समिति के प्रमुख के बीच जंग जारी, इस बार कश्मीर में 4G इंटरनेट की चर्चा पर भिड़े
कांग्रेस नेता शशि थरूर की फाइल फोटो

संसदीय आईटी समिति (Parliamentary IT panel) के प्रमुख शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने जम्मू और कश्मीर (Jammu-Kashmir) में 4जी इंटरनेट (4G Internet) की अनुपलब्धता पर चर्चा के लिए समिति की बैठक बुलाई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 26, 2020, 6:36 PM IST
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पायल मेहता

नई दिल्ली. बीजेपी सांसदों (BJP MPs) और संसदीय आईटी समिति (Parliamentary IT panel) के प्रमुख शशि थरूर के बीच तल्खी बनाये रखते हुए, सांसद निशिकांत दुबे (Lawmaker Nishikant Dubey) ने एक और पत्र लिखा है. इस बार उन्होंने शशि थरूर (Shashi Tharoor) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (OM Birla) के अनुरोध की याद दिलाता पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने किसी भी ऐसे विषय पर चर्चा न करने का अनुरोध किया है, जो अदालत के समक्ष लंबित हो. बता दें कि थरूर ने जम्मू और कश्मीर (Jammu-Kashmir) में 4जी इंटरनेट (4G Internet) की अनुपलब्धता पर चर्चा के लिए समिति की बैठक बुलाई थी.

अपना असंतोष व्यक्त करते हुए दुबे ने लिखा, "मैं आपके संज्ञान में लाना चाहूंगा कि हाल ही में, जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में 4जी सेवाओं के मुद्दे पर चर्चा के लिए 1 सितंबर 2020 को आपकी समिति ने एक और बैठक बुलाई है. चूंकि यह मुद्दा वर्तमान में भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के समक्ष लंबित है, इस पर आगे कोई विचार-विमर्श फिर से प्रासंगिक नियमों / निर्देशों (Rules/ Directions) का उल्लंघन होगा और साथ ही साथ माननीय लोकसभा अध्यक्ष (Lok Sabha Speaker) के हाल ही में जारी की गई सलाह की अवहेलना भी होगी.”



BJP सांसद निशिकांत दुबे ने दिलाई लोकसभा अध्यक्ष की सलाह की याद
न्यूज18 ने इस पत्र की प्रति हासिल की, जिसमें लिखा है, "इसलिए, मैं आप भलेमानुष से अपील करता हूं कि उपरोक्त उद्देश्य के लिए बुलाई गई सूचना प्रौद्योगिकी पर स्थायी समिति की बैठक को तुरंत निरस्त कर दिया जाए. मैं आपसे यह भी अनुरोध करता हूं कि उन मुद्दों पर विचार न करें. हमारी समिति में विचार-विमर्श जो 'राष्ट्रीय महत्व' के हैं, अन्यथा हम फिर से अपने माननीय अध्यक्ष की इस इच्छा को हतोत्साहित करेंगे कि हम सभी अपने प्रयास के माध्यम से भारत और भारतीय लोकतंत्र की संसद को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं और इस तरह से आगे बढ़ रहें कि हमारी संसद की महिमा और प्रतिष्ठा बढ़े.”

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बिड़ला ने मंगलवार को संसदीय समितियों को एक पत्र भेजा था, जिसमें "स्पीकर के दिशा-निर्देशों" में से दिशा-निर्देश 55 का पालन करने के लिए कहा गया था. जिसके मुताबिक सभी ब्रीफिंग और रिपोर्ट को गोपनीय रखा जाए और मीडिया को कोई जानकारी लीक न हो.
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