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VIDEO: अटारी बॉर्डर पर पहली बार बिना दर्शकों के हुई बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी

अटारी बॉर्डर पर बिना दर्शकों के हुई बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी

Independence Day celebrations: सीमा सुरक्षा बल/बीएसएफ (BSF) के जवानों ने अमृतसर से लगभग 35 किलोमीटर दूर अटारी-वाघा बॉर्डर पर स्वतंत्रता दिवस मनाया. हालांकि कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस बार आजादी का जश्‍न थोड़ा फीका रहा. इस बार अटारी बॉर्डर (Attari-Wagah Border) स्थित जॉइंट चेक पोस्‍ट पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी बिना दर्शकों के हुई.

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    नई दिल्‍ली. देश आज 74वां स्वतंत्रता दिवस (24th Independence Day) मना रहा है. लेकिन कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) की वजह से स्‍वतंत्रता दिवस (Independence Day) का आयोजन थोड़ा फीका रहा. महामारी की वजह से शनिवार को पहली बार अटारी बॉर्डर (Attari-Wagah Border) स्थित जॉइंट चेक पोस्‍ट पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी बिना दर्शकों के हुई. इस बार के जश्‍न-ए-आजादी कार्यक्रम में आम लोग शामिल नहीं हुए. दरअसल, कोविड-19 संक्रमण की वजह से बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी मार्च से ही बंद है. बीएसएफ के महानिदेशक एसएस देसवाल ने यहां पर राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया. इस दौरान बीएसएफ के जवानों ने राष्‍ट्रीय ध्‍वज को सलामी दी. इस बार आम लोगों के मौजूद न होने के बावजूद बॉर्डर पर जवानों का भरपूर जोश और जुनून नजर आया. जवानों का उद्घोष मानों दुश्‍मनों को सख्‍त संदेश दे रहा था कि वे स्‍वतंत्रता दिवस के जश्‍न के बीच भी भारत मां की रक्षा कर रहे हैं.

    अटारी-वाघा बॉर्डर पर बीएसएफ और आईटीबीपी के जवानों ने शानदार परेड की. जवानों ने काफी देर तक भारत माता की जय और वंदे मातरम् का उद्घोष किया. वहीं भारतीय सेना के जवानों ने 4000 फीट की ऊंचाई पर स्थित जम्‍मू कश्‍मीर के गुरेज सेक्‍टर में भी स्‍वतंत्रता दिवस मनाया. जवानों ने यहां पर राष्‍ट्रगान गाकर राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया. वहीं, इंडो तिब्‍बत बॉर्डर पुलिस/आईटीबीपी (ITBP) के जवानों ने लद्दाख के पैंगोंग त्‍सो झील के किनारे राष्‍ट्रगान गाकर, राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराकर स्‍वतंत्रता दिवस मनाया. पैंगोंग त्‍सो झील समुद्र तल से लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है.



    संप्रभुता पर आंख उठाने वालों को देश, सेना ने उन्हीं की भाषा में जवाब दिया: मोदी
    स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चीन और पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) से लेकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तक देश की संप्रभुता पर आंख उठाने वालों को करारा जवाब दिया है. प्रधानमंत्री ने अपने 86 मिनट के अपने संबोधन के दौरान चीन और पाकिस्तान का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा स्पष्ट था. उन्होंने कहा, 'नियंत्रण रेखा (एलओसी) से लेकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई है, देश ने, देश की सेना ने उसका उसी की भाषा में जवाब दिया है.'





    प्रधानमंत्री का यह बयान चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच आया है. उधर, पाकिस्तान सीमा पर नियंत्रण रेखा पर हाल के कुछ महीनों में युद्धविराम के उल्लंघन की घटनाओं में बहुत इजाफा हुआ है. मोदी ने कहा, 'भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिए सर्वोच्च है. इस संकल्प के लिए हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, देश क्या कर सकता है, ये लद्दाख में दुनिया ने देखा है.' प्रधानमंत्री ने गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आतंकवाद हो या विस्तारवाद, भारत आज इनका डटकर मुकाबला कर रहा है.

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