कोविड गुजर जाने के बाद क्या भारत को कोई फायदा होगा? राहुल के सवाल पर रघुराम राजन ने दिया यह जवाब

कोविड गुजर जाने के बाद क्या भारत को कोई फायदा होगा? राहुल के सवाल पर रघुराम राजन ने दिया यह जवाब
बातचीत के दौरान राहुल गांधी और रघुराम राजन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) से बातचीत की. यहां पढ़ें Highlights

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 9:33 AM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) कोरोना वायरस के मद्देनजर अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बातचीत की खास सीरीज शुरू की, जिसके तहत पहला संवाद वह भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) से की. राहुल गांधी ने इस बाबत एक फेसबुक पोस्ट भी किया. इसमें उन्होंने लिखा- 'आज सुबह 9 बजे, आप मेरे ट्विटर, फ़ेसबुक और यूट्यूब प्लेटफ़ॉर्म पर covid19  संकट से निपटने के लिए और भारत के लिए एक नये विजन पर RBI के पूर्व गवर्नर डॉ. रघुराम राजन के साथ मेरी बातचीत देख सकते हैं.'

यहां पढ़ें Rahul Gandhi और Raghuram Rajan के साथ हुई बातचीत के Highlights


राहुल गांधी से बातचीत के दौरान रघुराम राजन ने कहा कि लॉकडाउन खोलने से पहले वर्कप्लेस की सिक्योरिटी जरूरी है. उन्होंने कहा कि इसका असर इकॉनमी और जीडीपी पर पड़ा है. राजन ने कहा कि हमें लोगों की नौकरियों के बारे में सोचना होगा इसके लिए वर्कप्लेस की सिक्योरिटी जरूरी है. दूसरा लॉकडाउन लागू करने के मतलब है कि आप कोई सही तैयारी नहीं कर सके. लोगों के मन में सवाल यह भी है कि क्या तीसरा लॉकडाउन भी आएगा.

बातचीत के दौरान राहुल ने राजन से पूछा कि क्या कोविड के बाद इसका भारत के लिए कोई सकारात्मक असर होगा, इस पर राजन ने कहा कि हमारे पर संभावनाएं हैं और उसके लिए तैयारी करनी होगी. राहुल ने पूछा कि गरीबों की मदद के लिए कितना पैसा लगेगा? इस पर रघुराम राजन ने कहा कि तकरीबन 65,000 करोड़ रुपए. इतनी बड़ी इकॉनमी है हमारी हम कर सकते हैं.
कोरोना की टेस्टिंग पर राजन ने कहा कि हमें मास टेस्टिंग करना होगा, जिसमें कोई भी 1000 सैंपल लेकर  टेस्ट करने होंगे. अमेरिका  लाखों टेस्ट रोज कर रहा है, लेकिन हम 20 हजार या 30 हजार के बीच सिमटे हुए हैं.



प्राथमिकता एक  होनी चाहिए क्योंकि हमारी क्षमताएं सीमित हैं- राजन
संवाद के दौरान राहुल से राजन ने कहा कि हम ऐसे संकट के समय में बंटा हुआ घर नहीं झेल सकते हैं. हमें एक दूसरे पर विश्वास करना शुरू होगा और अपने पूर्वजों के बताए रास्ते पर चल कर देश को एकजुट रखना होगा.

राजन ने कहा कि मुझे लगता है कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में कुछ गलत है, लोगों के पास नौकरी नहीं है, जिनके पास नौकरी है उनको आगे की चिंता है, आय का असमान वितरण हो रहा है जिसे हमें सही करना होगा.

राजन ने कहा कि  प्राथमिकता एक  होनी चाहिए क्योंकि हमारी क्षमताएं सीमित हैं. हमें यह तय करने की आवश्यकता है कि हम अर्थव्यवस्था को एक साथ कैसे रखें ताकि जब हम  दोबारा लॉकडाउन खोलें तो यह खुद ही चलने में सक्षम हों. लेकिन आपको इस महामारी का सामना एक ऐसी स्थिति के रूप में करना होगा जो अभूतपूर्व हो. यह ध्यान में रखते हुए कि हमारे पास केवल सीमित संसाधन हैं  हमें जरूरत पड़ने पर निपटने के लिए मानदंडों को तोड़ना होगा.
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