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एंटी सैटेलाइट मिसाइल A-SAT की लॉन्चिंग का पहला वीडियो जारी

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एंटी-सैटेलाइट मिसाइल की तस्वीर

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एंटी-सैटेलाइट मिसाइल की तस्वीर

पीएम मोदी ने कहा कि 'मिशन शक्ति' ने देश को नई ताकत दी है और तेजी से विकास कर रहे भारत को अंतरिक्ष में सुरक्षित करने का प्रयास किया है.

  • News18.com
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    भारत सरकार ने बुधवार को एंटी सैटेलाइट मिसाइल A-SAT की लॉन्‍चिंग का पहला वीडियो जारी किया है. डीआरडीओ और इसरो द्वारा बनाई गई एंटी सैटेलाइट मिसाइल ने लॉन्‍च होने के 3 मिनट के अंदर अंतरिक्ष में 300 किमी दूर LEO (Low Earth Orbit) में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है. इसके साथ ही अमेरिका, चीन और रूस के साथ भारत वैश्चिक शक्तियों के एक विशेष क्‍लब में शामिल हो गया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार दोपहर को राष्ट्र के नाम संबोधन में इस उपलब्धि की घोषणा की. पीएम मोदी ने कहा, 'भारत ने आज अपना नाम स्पेस पॉवर के रूप में दर्ज करा दिया है. अब तक केवल तीन देश अमेरिका, रूस और चीन को यह तमगा हासिल था. हर हिन्दुस्तानी के लिए इससे बड़ी उपलब्धि नहीं हो सकती है. कुछ ही समय पूर्व हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में लाइव सैटेलाइट को मार गिराया.'

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    पीएम मोदी ने कहा कि 'मिशन शक्ति' ने देश को नई ताकत दी है और तेजी से विकास कर रहे भारत को अंतरिक्ष में सुरक्षित करने का प्रयास किया है. डीआरडीओ के चेयरमैन जी सतीश रेड्‌डी ने बताया कि इस मिशन में जिस सैटेलाइट को नष्ट किया गया है वह भारत का अपना ही सैटेलाइट था. एंटी सैटेलाइट मिसाइल का परीक्षण देश के विकास और बढ़ती क्षमता का प्रतिबिंब है. यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है. इससे देश अंतरिक्ष शक्तियों के चुनिंदा समूह में शामिल हो गया है. इस परियोजना को लगभग दो साल पहले मंजूरी दी गई थी.

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    उन्‍होंने कहा कि यह परीक्षण निचले वातावरण में किया गया था ताकि मलबा अंतरिक्ष में न जमा हो. सैटेलाइन को नष्‍ट करने से जो भी मलबा उत्‍पन्‍न होगा वह एक हफ्ते के भीतर पृथ्‍वी पर वापस गिर जाएगा.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परीक्षण पर कहा कि किसी के खिलाफ यह परीक्षण नहीं किया गया है. यह किसी भी अंतराष्‍ट्रीय कानून या संधि का उल्‍लंघन नहीं करता है. भारत का किसी को धमकी देने का कोई इराना नहीं है. यह तेजी से बढ़ते भारत को सुरक्षित करने का एक प्रयास है. उन्होंने कहा, 'मूल्यवान अंतरिक्ष संपत्ति का बचाव करना और उसे सुरक्षित रखना भी सरकार का काम है.



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