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जम्मू-कश्मीर में सेना के जवानों का ये वीडियो देख आप भी करेंगे सलाम

वीडियो जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का है. (फोटो: ANI/Twitter)

वीडियो जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का है. (फोटो: ANI/Twitter)

Jammu-Kashmir Army: बर्फ से ढंकी हुई सड़कों के बीच सेना के जवानों ने एक गर्भवती महिला (Pregnant Woman) को कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, इससे पहले भी ऐसी कई खबरें सामने आ चुकी हैं, जहां जवानों ने आगे बढ़कर आम जनता की मदद की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 9:44 PM IST
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जम्मू. सीमा पर हथियारों से लैस सेना के जवान केवल दुश्मनों को खदेड़ने के लिए नहीं होते. वे देश के आम नागरिकों का दुख दूर करने में भी परेशान होते हैं. बहादुर जवानों को कभी-कभी बंदूक छोड़कर दूसरे तरीकों से भी नागरिकों की मदद करनी पड़ती है. इसका एक नमूना शुक्रवार को देखने में मिला, जब जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के कुपवाड़ा जिले (Kupwara District) में एक गर्भवती महिला को जवानों ने अपने कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया.

क्या है मामला
समाचार एजेंसी एएनआई ने शुक्रवार को सेना के जवानों का एक वीडियो शेयर किया है. एजेंसी के अनुसार वीडियो जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का है. जानकारी के अनुसार, बर्फ से ढंकी हुई सड़कों के बीच सेना के जवानों ने एक गर्भवती महिला को अपने कंधों पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि जवान एक खाट की मदद से महिला को उठाकर बर्फ को काटते हुए गुजर रहे हैं.

Youtube Video

यहां देखें वीडियो-







हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं है जब जवान आम जनता की मदद के लिए आगे गए हैं. कुछ दिनों पहले सैनिक अनंतनाग जिले में एक सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. सेना को इलाके में आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली थी. इसी दौरान सेना को एक 11 साल की बच्ची के बीमार होने की बात पता लगी. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस सूचना के बाद ऑपरेशन को बीच में रोककर बच्ची की मदद की तैयारी शुरू की गई. एजेंसी कि रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची की देखरेख के लिए सैनिकों के साथ एक चिकित्सा अधिकारी को भेजा गया था.

एक राष्ट्रीय राइफल्स की रेजिडेंट चिकित्सा अधिकारी कैप्टन संजना शर्मा ने बताया कि एक बच्ची फर्श पर पड़ी हुयी थी और उसके दांत भिंचे हुये थे और नब्ज की गति तेज थी, जो दौरे पड़ने का संकेत था . शर्मा ने पीटीआई भाषा को बताया, ‘मैने जांच की, नब्ज को छोड़ कर सब सामान्य था . नब्ज तेज थी . उसे दौरे पड़े थे . ध्यान उसकी स्थिति को स्थिर करने पर केंद्रित था . जब ऐसा हो गया तो उसके माता पिता को उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिये कहा गया ताकि वह वहां उसे स्नायुरोग विशेषज्ञ को दिखा सके.’
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