Home /News /nation /

Water Crisis: दिल्‍ली की झुग्गियों में रहने वाले 44% परिवार बोतलबंद पानी पर निर्भर

Water Crisis: दिल्‍ली की झुग्गियों में रहने वाले 44% परिवार बोतलबंद पानी पर निर्भर

भारत के लगभग 30 शहरों में तेजी से बढ़ रही आबादी के कारण 2050 तक गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा.

भारत के लगभग 30 शहरों में तेजी से बढ़ रही आबादी के कारण 2050 तक गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा.

Water Crisis Survey : दिल्ली सरकार (Delhi government) के अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय (Directorate of Economics and Statistics) की ओर से किए गए ‘पेयजल, स्वच्छता और आवासीय अवस्था’ संबंधी 76वें वार्षिक सर्वेक्षण में नमूनों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बोतलबंद पानी (Bottled Water) का उपयोग करने वाले परिवारों की संख्या 2012 और 2018 के बीच दोगुनी हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक शहर के करीब 76 फीसदी मकानों में पाइप वाला पानी का कनेक्‍शन है. रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के 71 फीसदी मकान पाइप वाली सीवर प्रणाली से जुड़े हैं, जबकि 28.5 फीसदी मकान सेप्टिक टैंक से जुड़े हैं.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्‍ली. केंद्र और राज्‍य सरकारें भले ही शहरी (Urban) और ग्रामीण इलाकों (Rural Areas) में स्‍वच्‍छ और सुरक्षित पानी (Clean Water) पहुंचाने का दावा कर रही हों लेकिन हकीकत अभी भी इससे काफी उलट है. सरकारों की ओर से चलाई जा रही विभिन्‍न योजनाओं और प्रयासों के बावजूद देश के एक बड़े हिस्‍से तक साफ पानी (Clean Drinking Water) मुहैया नहीं कराया जा रहा है. विशेष रूप से शहरी मलिन बस्तियों में अभी भी साफ पानी की कमी है. देश की राजधानी दिल्‍ली में हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि शहर की झुग्गियों में रहने वाले लगभग 44% लोग पीने के लिए बोतलबंद पानी पर निर्भर हैं.

    दिल्ली सरकार के अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय की ओर से किए गए ‘पेयजल, स्वच्छता और आवासीय अवस्था’ संबंधी 76वें वार्षिक सर्वेक्षण में नमूनों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बोतलबंद पानी का उपयोग करने वाले परिवारों की संख्या 2012 और 2018 के बीच दोगुनी हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक शहर के करीब 76 फीसदी मकानों में पाइप वाला पानी का कनेक्‍शन है. रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के 71 फीसदी मकान पाइप वाली सीवर प्रणाली से जुड़े हैं, जबकि 28.5 फीसदी मकान सेप्टिक टैंक से जुड़े हैं.

    भविष्य में शहरी मलिन बस्तियों में पानी की ये समस्‍या और भी ज्‍यादा बढ़ सकती है क्‍योंकि देश के कई शहर भविष्‍य में बड़े जल संकट की ओर बढ़ रहे हैं. वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर 2020 के एक अध्ययन के मुताबित, भारत के लगभग 30 शहरों में तेजी से बढ़ रही आबादी के कारण 2050 तक गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा. एक अन्य हालिया नीति आयोग की रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि दिल्ली, चेन्नई, बैंगलोर और हैदराबाद जैसे प्रमुख महानगरों सहित 21 भारतीय शहरों में भूजल के घटने से 10 करोड़ लोगों को पानी के संकट का सामना करना पड़ेगा.

    इसे भी पढ़ें :- Flex Fuel: देश में क्या है इथेनॉल का भविष्य? कहीं जल संकट को न्योता तो नहीं!

    7% बोतलबंद पानी का उपयोग कर रहे, 3.3% पानी के टैंकरों पर निर्भर
    अधिकारियों के मुताबिक दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2020 और फिर कोरोना महामारी के कारण रिपोर्ट तैयार करने में देरी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी दिल्‍ली के 76 फीसदी मकानों में पानी का कनेक्शन है, 7.5 फीसदी मकानों में ट्यूबवेल का उपयोग होता है और सात फीसदी बोतलबंद पानी का उपयोग कर रहे हैं. वहीं 3.8 फीसदी सार्वजनिक नल और 3.3 फीसदी पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं.

    इसे भी पढ़ें :- अब हवा से ही निकाला जा सकेगा पानी, जल संकट से निपटने में मिलेगी मदद

    झुग्गी-बस्तियों में करीब 44% परिवार बोतलबंद पानी का कर रहे इस्‍तेमाल
    2012 से 2018 के बीच पेयजल के लिए बोतलबंद पानी का उपयोग करने वाले परिवारों की संख्या दोगुनी हुई है. सर्वेक्षण के मुताबिक, झुग्गी-बस्तियों में करीब 44 फीसदी परिवार पीने के लिए बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करते हैं.

    Tags: Delhi, Delhi Government, Mission Paani, Survey, Survey report, Water, Water Crisis

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर