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किसानों ने ठुकराया सरकार का खाना और चाय, बोले- हम अपना खाना साथ लाए हैं

विज्ञान भवन में कुछ किसान जमीन पर बैठकर खाते हुए नजर आए. (फोटो साभारः PTI)
विज्ञान भवन में कुछ किसान जमीन पर बैठकर खाते हुए नजर आए. (फोटो साभारः PTI)

Farmer Protest: किसान नेताओं ने विज्ञान भवन में सरकार की तरफ से दिए जा रहे खाने या चाय लेने से इनकार कर दिया और अपने साथ लाए हुए खाने को ही खाया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 9:52 PM IST
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नई दिल्ली. नए कृषि कानून (Farm Law 2020) के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर देशभर के किसानों के धरना प्रदर्शन (Farmer Protest) का गुरुवार को आठवां दिन है. एक तरफ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार किसानों को मनाने में लगी हुई है. सरकार के साथ वार्ता के लिए 40 किसान संगठनों के नेता दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में मौजूद हैं. सरकार के साथ वार्ता में हल क्या निकलेगा ये तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन शुरुआती दौर में किसान काफी गुस्से में नजर आ रहे हैं.

किसान नेताओं ने विज्ञान भवन में सरकार की तरफ से दिए जा रहे खाने या चाय लेने से इनकार कर दिया और उनका खाना लंगर से आया है. एक किसान नेता ने कहा, 'हम सरकार द्वारा दिए जाने वाले भोजन या चाय को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. हम अपना खाना खुद लाए हैं.'

किसान ने सरकार को दी चेतावनी
नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर कानून वापस नहीं लिए जाने पर अपना आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है.
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दिल्ली के कई रास्ते आंदोलन के कारण प्रभावित
पुलिस ने किसानों के आंदोलन को देखते हुए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद को दिल्ली से जोड़ने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ने वाले रास्तों को गुरुवार को बंद कर दिया. आंदोलनरत किसानों ने अपनी मांगे नहीं मानी जाने पर दिल्ली के अन्य मार्गों को बंद करने की बुधवार को धमकी दी थी.

दिल्ली पुलिस ने ट्वीट किया, स्थानीय पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-9 और राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर गाजियाबाद से दिल्ली के लिए मार्गों को बंद कर दिया है. राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर शनि मंदिर के पास दोनों ओर के मार्गों को बंद कर दिया गया है.


राजनेताओं ने की 'सम्मान' लौटाने की बात
किसानों के समर्थन में पंजाब के पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखे पत्र में 'पद्म विभूषण' सम्मान लौटाने की बात कही.उन्होंने नए कृषि कानूनों के विरोध में पद्म सम्मान लौटाया. इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) के चीफ और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढिंढसा ने नए कृषि कानूनों के विरोध में अपना पद्म भूषण सम्मान लौटाने की घोषणा की है.
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