ED की पूछताछ के बाद बोले फारूक अब्दुल्ला- मैं परेशान नहीं, भले ही फांसी हो जाए लड़ाई जारी रहेगी

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमें बहुत आगे तक जाना है. (Photo-ANI)
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमें बहुत आगे तक जाना है. (Photo-ANI)

JKCA Money Laundering Case: अब्दुल्ला ने कहा कि "यह सवाल-जवाब की प्रक्रिया कई सालों से चल रहा है, यह कोई नई बात नहीं है. मैं कुछ कहने वाला नहीं हूं. कोर्ट तय करेगा कि क्या किया जाना है. मैं चिंतित नहीं हूं."

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 6:13 PM IST
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श्रीनगर. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के समक्ष पेश होने के बाद नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला (National Conference Chief Farooq Abdullah) ने सोमवार को कहा कि वह इस तरह की किसी भी कार्रवाई से चिंतित नहीं है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (Jammu-Kashmir Cricket Association) में कथित अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में ईडी के समक्ष पेश हुए थे. अब्दुल्ला ने कहा कि "यह सवाल-जवाब की प्रक्रिया कई सालों से चल रहा है, यह कोई नई बात नहीं है. मैं कुछ कहने वाला नहीं हूं. कोर्ट तय करेगा कि क्या किया जाना है. मैं चिंतित नहीं हूं."

अब्दुल्ला ने कहा कि "हमें बहुत आगे तक जाना है, एक लंबी राजनीतिक लड़ाई जो जारी रहेगी भले ही मैं जीवित रहूं या नहीं या मैं मंच पर मौजूद रहूं या नहीं. अब्दुल्ला ने कहा हमारी लड़ाई अनुच्छेद 370 (Article 370) की बहाली के लिए है और मेरा संकल्प कभी नहीं बदलेगा भले ही मुझे फांसी हो जाए." इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सोमवार को कहा कि पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से राजनीतिक लड़ाई में भाजपा विफल रही है और इस वजह से वह, उन्हें निशाना बनाने के लिए अब सरकारी एजेंसियों का सहारा ले रही है.

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'सरकारी एजेंसियों को काम पर लगा रही भाजपा'
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘ भाजपा फारूक अब्दुल्ला से राजनीतिक लड़ाई लड़ने में विफल रही है, इसलिए उसने अब सरकारी एजेंसियों को काम पर लगाया है.’’



नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता ने कहा कि अब्दुल्ला को ईडी द्वारा तलब किया जाना स्पष्ट तौर पर इस बात का परिणाम है कि वह जम्मू-कश्मीर की मुख्यधारा की पार्टियों के बीच ‘गुपकर घोषणा’ के तहत ‘पीपुल्स अलायंस’ बनाने सफल रहे.

बयान में कहा गया, ‘‘भाजपा की विचारधारा और उसकी विभाजनकारी नीतियों के विरोध की यह कीमत है. हाल का इतिहास इस बात का गवाह है कि कैसे भाजपा देश भर में विपक्षी पार्टियों के नेताओं को निशाना बनाने के लिए विभिन्न विभागों का इस्तेमाल करते हुए दबाव बनाती है और डराने की कोशिश करती है.’’

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नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा तलब किया जाने का समय बिल्कुल स्पष्ट इशारा देता है. पिछले साल भाजपा नीत सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने से कुछ समय पहले तलब किया गया था और इस बार गुपकर घोषणा के कुछ दिन के भीतर तलब किया गया है.

बयान में कहा गया कि अब्दुल्ला अधिकारियों के साथ सहयोग करेंगे और यह कुछ नहीं बल्कि डराने की कोशिश है. (भाषा के इनपुट सहित)
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